बरहज। नगर के नंदना पश्चिमी वार्ड स्थित पंडित विश्वनाथ त्रिपाठी शिक्षण संस्थान में पांच दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथावाचक राजेंद्र पाठक ने श्रीराम कथा का रसपान कराते हुए कहा कि प्रभु मर्यादा के अवतार थे। उनके आदर्शों को अमल में लाने से मानव जीवन को मोक्ष मिल जाता है।
कथावाचक ने कहा कि प्रभु ने पृथ्वी पर असुरों का विनाश करते हुए लोगों को जीवन जीने की राह दिखाया था। उन्होंने भ्रातृ प्रेम, माता-पिता की आज्ञा, सखा के मित्रता को निभाते हुए ऊंच-नीच की खाई को पाटने का काम किया था। माता शबरी के हाथों जूठे बेर खाकर भक्तों के प्रति अपना अटूट प्रेम दर्शाया था। मौके पर वीरेंद्र त्रिपाठी, अरविंद त्रिपाठी, अजय कुमार मिश्र, मुरारी अग्रवाल, रामगोपाल सोनकर आदि मौजूद रहे।