देवरिया। निजी फाइनेंस कंपनियों से ऋण लेने वाली सैकड़ों महिलाओं ने उत्पीड़न का आरोप लगाकर कलेक्ट्रेट परिसर में आवाज बुलंद की। आंदोलन का नेतृत्व कर रही महिला एकता शक्ति की अध्यक्ष मन्नू तिवारी एसडीएम सदर की गाड़ी पर कब्जा कर उसके ऊपर चढ़कर नारेेेबाजी कीं और लोगों को संबोधित करती रहीं। डीएम कार्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा।
डीएम को ज्ञापन देने आवास पर पहुंची महिलाओं ने नारेबाजी की। डीएम से वार्ता के बाद महिलाओं ने प्रदर्शन खत्म किया। निजी फाइनेंस कंपनियों ने जिले में स्वयं सहायता समूह की सैकड़ों महिलाओं को छोटे-छोटे लोन दिए हैं। नोट बंदी के बाद फाइनेंस कंपनियों ने महिलाओं पर ऋण वसूली का दबाव बढ़ा दिया है। आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहीं जिलेभर की महिलाएं ने फाइनेंस कंपनियों पर उत्पीड़न का आरोप मढ़ा है। महिलाएं लामबंद होकर आंदोलन की राह पर हैं।
शुक्रवार को सुबह जिले के देहात इलाकों से सैकड़ों की तादाद में महिलाएं कलेेक्ट्रेट परिसर में पहुंची। महिलाओं ने डीएम कार्यालय पर पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। लेकिन कलेक्ट्रेट में उस समय अफरातफरी मच गई जब आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं महिला एकता शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नू तिवारी एसडीएम सदर की गाड़ी पर चढ़कर नारेेबाजी करने लगीं और महिलाओं को संबोधित किया। करीब पौन घंटे तक वह गाड़ी के ऊपर मौजूद रहीं। कक्ष में डीएम को नहीं देखकर महिलाएं भड़क गईं।
महिलाएं नारेबाजी करते हुए करीब डेढ़ बजे जिलाधिकारी आवास पर पहुंची। उसी समय डीएम की गाड़ी आवास की ओर मुड़ी तो महिलाओं ने गाड़ी को घेर लिया। टीएसआई रामवृक्ष यादव ने महिलाओं को हटाकर डीएम की गाड़ी को आवास परिसर में प्रवेश कराया।
डीएम ने अध्यक्ष मन्नू तिवारी से वार्ता कर कार्रवाई का भरोसा दिया। महिलाओं ने वापस कलेक्ट्रेेट परिसर में पहुंचकर आंदोलन खत्म किया। इस मौके पर प्रमिला, रीता, फुलिया, फूलवती, सुनकशी, सुगंती, बिंदु, अमलावती, अतवारी, लक्ष्मीना, बिंदा, मैना देवी, मालती, लीलावती आदि मौजूद रहीं।