दो साल से देवरिया डिपो परिसर में यात्री शेड नहीं, धूप में खड़े होकर यात्री करते हैं बसों का इंतजार
प्रदेश के परिवहन मंत्री है जिले के प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधि भी समस्या को लेकर गंभीर नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रोडवेज परिसर में शासन की देखरेख में यात्री शेड बनाया जाना है। इसके लिए 34 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 19 मई तक टेंडर डालने की अंतिम तिथि थी। निगम के लोगों के अनुसार अब तक किसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई है। माना जा रहा है कि इससे डिपो परिसर में आकर परेशान होने वाले यात्रियों का इंतजार और बढ़ गया है।
जिला मुख्यालय पर बने पुराने रोडवेज भवन को दो साल पहले तोड़ दिया गया था। उस वक्त कहा गया कि प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिये नया भवन बनेगा। लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में यहां आने वाले यात्रियों को नए भवन का इंतजार है। शेड न होने से तेज गर्मी में यहां आने वाले यात्रियों को तकलीफदेह स्थितियों से गुजरना पड़ रहा है।
वर्तमान में डिपो की आय प्रतिदिन 22 से 23 लाख रुपये औसतन है। रोजाना 30 से 35 हजार यात्री यहां की बसों से यात्रा करते हैं। यहां से दिल्ली, कानपुर और लखनऊ के अलावा लोकल रूट पर गोरखपुर, बस्ती, कसया, पडरौना, बरहज, दोहरीघाट, भाटपार रानी, लार, सलेमपुर, प्रतापपुर, सतरांव आदि जगहों के लिए बसें संचालित हो रही हैं। एमएसटीधारकों की संख्या चार हजार से अधिक हैं। इसमें छात्र-छात्राओं के अलावा सरकारी और प्राइवेट नौकरीपेशा वर्ग भी शामिल है। हर दिन मेडिकल कॉलेज और कचहरी आने वालों की संख्या भी काफी होती है। समय से बसें नहीं मिलने से इन्हें एक से दो घंटे तक का इंतजार करना पड़ता है। यात्री शेड न होने से धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
10 दिन पहले देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने भी रोडवेज परिसर का निरीक्षण कर अधिकारियों को समस्याओं को दूर कराने के निर्देश दिए थे। इधर काफी हो हल्ला मचने के बाद इधर कुछ दिनों से डिपो परिसर में अस्थाई शेड बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी, इसके लिए टेंडर निकाला गया था और 19 मई तक इसे जमा करना था। हालांकि अभी तक किसी ने भी इसके लिए रुचि नहीं दिखाई है।
..
कोट
मुख्यालय स्तर से रोडवेज परिसर में 34 लाख रुपये की लागत से यात्री शेड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 19 मई थी। जल्द ही परिसर में यात्री शेड तैयार होने की बात उच्चाधिकारी भी कर रहे हैं। कई जनप्रतिनिधि भी यहां आकर यात्रियों की समस्या से रूबरू हो चुके हैं।
-कपिलदेव प्रसाद, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक