देवरिया। डिपो परिसर के कार्यशाला में जो बसें मरम्मत के लिए आ रही हैं, समय से फिट नहीं हो पा रही हैं। इससे लोकल व लंबी दूरी दोनो मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
बीएस-6 एवं बीएस-4 माॅडल की बसों में खराबी आने से यहां उनके मरम्मत की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में ये बसें गोरखपुर जाती हैं या सीधे एजेंसी के कार्यशाला में। समय से बसों के फिट नहीं होने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कार्यशाला में हर दिन 15 से 20 बसें मरम्मत की राह देख रही हैं।
देवरिया डिपो के पास वर्तमान में निगम की 71 और अनुबंधित 131 बसों का बेड़ा है। इसमें निगम की बीएस-6 मॉडल की 19 एवं बीएस-4 मॉडल की 12 बसें हैं। शेष बसें पुराने मॉडल वाली हैं। 10 से 12 बसें ऐसी हैं जो अपनी समय सीमा समाप्त कर चुकी हैं, हालांकि इन्हें किसी तरह ठोक बजाकर लोकल रुटों पर संचालित किया जा रहा है।
कार्यशाला में वर्तमान में हर दिन 15 से 20 बसें मरम्मत के लिए खड़ी रह रही हैं। इसके मरम्मत में देरी होने से संबंधित जगहों के यात्रियों को जाने में देरी हो रही है। ऐसे में वह निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं।
मुख्यालय की ओर से लगातार निगम की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है लेकिन बसों के मरम्मत में देरी और वर्कशाप में खड़ी रहने से लगातार इसकी मानीटरिंग की जा रही है और यहां से उस पर एतराज जताया गया है।
रविवार को कार्यशाला में मरम्मत के लिए जो बसें खड़ी थी, उसमें देवरिया-पडरौना, कसया, देवरिया-लखनऊ, देवरिया-दोहरीघाट सहित अन्य जगहों की बसें शामिल रहीं।