बरहज- देवरिया मार्ग पर कराई जा रही वृक्षों की कटाई
बरहज। देवरिया-सोनूघाट-बरहज मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने में तकनीकी दिक्कतें दूर नहीं हो पा रही हैं। 18 महीने में 172 करोड़ की लागत से जिस सड़क के चौड़ीकरण का लक्ष्य रखा गया है, उसका टेंडर भी दो महीने में नहीं हो पाया। पिछला टेंडर मानक के अनुरूप नहीं होने पर निरस्त कर दिया गया था। अब तकनीकी बाधा में टेंडर अटका है।
21.75 किमी बरहज-सोनूघाट-देवरिया मार्ग पर चौड़ीकरण कार्य कराया जाना है। शासन से बजट जारी होने के बाद मुख्यमंत्री ने इसका शिलान्यास किया था।
शिलान्यास से पहले ही पीडब्ल्यूडी की ओर से कराए गए टेंडर प्रक्रिया में प्रयागराज की जिस कंपनी काे काम मिला था उसने 20 फीसदी कम दर पर टेंडर डाला था।
बाद में इसे शासन स्तर से निरस्त कर दिया गया। विभाग के अनुसार दोबारा कराए वाले टेंडर प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर में तकनीकी अड़चन बाधा बन रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने की वजह से सड़क निर्माण कार्य शुरू होने में देर हो रही है। इस सड़क के मध्य से दोनों तरफ सात-सात मीटर चौड़ी सड़क और दो दो मीटर पटरी बनाई जाएगी। क्षेत्र के विनोद सिंह गुडडु, जितेंउ्र भारत, चिंतामणि साहनी आदि का कहना है कि शिलान्यास के बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर प्रक्रिया में की गई देरी से निर्माण कार्य प्रभावित है। सड़क निर्माण में जितनी देर होगी, आम आदमी को उतनी अधिक तकलीफों का सामना करना पड़ेगा।