हिरंदापुर मोड़ के पास पुलिस टीम ने रविवार को बंद राइस मिल में छापेमारी की। मौके पर 92 ड्रम डीनेचर स्प्रिट (सांद्र अल्कोहल ) बरामद हुआ। जिसका प्रयोग देसी और अंग्रेजी शराब बनाने में किया जाता हैं। बीस लीटर के करीब चार सौ खाली गैलन मिले है। जो स्प्रिट बरामद हुआ है, उसकी सप्लाई शराब की फैक्ट्री में होती है। टैंकर से स्प्रिट को राइस मिल में पहुंचा गया था। इसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
एसपी प्रभाकर चौधरी को मैसेज कर किसी ने राइस मिल में अवैध शराब होने की सूचना दी। कप्तान के निर्देश के बाद शहर कोतवाल अनिल पांडेय, एसओ मृत्युंजय पाठक और क्राइम ब्रांच इलाके के कई राइस मिलों में दबिश दी। टीम ने डुमरी-पांडेयपुर मार्ग पर स्थित हिरंदापुर मोड के पास बंद राइस मिल में दबिश दी। अंदर पहुंचते ही पुलिस के होश उड़ गए। गोदाम के अंदर 92 ड्रम स्प्रिट रखी गई थी, खाली गैलन, पाइप और अन्य भी मिले। मौके पर मौजूद चौकीदार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मिल कस्बे के रविन्द्र जायसवाल की है। उन्होंने इसे किराए पर गौरीबाजार इला के पप्पू यादव को दे रखी है। शनिवार की रात ट्रैंकर से सांद्र अल्कोहल की सप्लाई गोदाम में की गई थी। जो गोरखपुर, चौरी चौरा, देवरिया और बिहार में सप्लाई के लिए रखी गई थी। चौरीचौरा का अरुण जायसवाल पूरे कारोबार का मालिक है। शराब किस फैक्ट्री से आई थी। इसकी भी पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग को सूचना नहीं दी गई।
कोट-
टैंकर से डीनेचर स्प्रिट (सांद्र अल्कोहल) को लाया गया था। एक ड्रम सांद्र अल्कोहल में दस ड्रम शराब तैयार की जाती है जो जहरीली होती है। थोक भाव दो करोड़ रुपये कीमत की अल्कोहल है, जो देसी और अंग्रेजी शराब बनाने में प्रयोग होती है। नकली शराब बनाकर सरकारी दुकानों पर सप्लाई होनी थी। चौरीचौरा मुख्य केंद्र है।
प्रभाकर चौधरी, पुलिस अधीक्षक देवरिया।