कृषि मंत्री के जिले में धान खरीद में धांधली की आशंका
शनिवार रात सील पांच राइस मिलों के स्टाक का पूरे दिन हुआ मिलान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कृषि मंत्री के जिले में धान खरीद में धांधली की आशंका पर पांच राइस मिलों को प्रशासन ने शनिवार देर रात सील कर दिया। रविवार को पूरे दिन एडीएम के नेतृत्व में मिलों पर क्रय केंद्र से भेजे गए धान का मिलान किया गया। देर रात तक टीमें राइस मिलों पर डटी रहीं। सूत्रों के अनुसार, क्रय केंद्रों पर धान खरीद से लेकर भारतीय खाद्य निगम को आपूर्ति तक की निष्पक्षता से जांच की जाए तो कई जिम्मेदारों की गर्दन फंस सकती है।
जिले में 67 हजार 600 एमटी खरीद का लक्ष्य है। इसके लिए 119 क्रय क्रय बने थे, जिसमें नौ को बंद कर दिया गया। अभी तक जिले में 25 हजार 540 एमटी यानी सिर्फ 37 प्रतिशत धान की खरीद हुई है। अब तक 3456 किसानों से धान की खरीद कर 3377.74 लाख रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि 4686.76 लाख रुपये का भुगतान देय है। धान की कुटाई कर भारतीय खाद्य निगम को आपूर्ति के लिए मिलरों का चयन किया गया है। एक जनप्रतिनिधि ने डीएम से शिकायत की थी कि बालाजी एग्रो पहाड़पुर, अमित ट्रेडिंग कंपनी रैश्री गौरीबाजार, साई ट्रेडर्स लार, शिव ट्रेडर्स तरकुलवा और देसही देवरिया के राइस मिलर गैर प्रांतों से चावल मंगाकर सरकारी बोरे में पैक कर भारतीय खाद्य निगम को आपूर्ति कर रहे हैं। इन मिलों पर दूसरे प्रांतों से धान मंगाकर रखा गया है।
इस पर डीएम ने एडीएम के नेतृत्व में पांच टीमें गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी। देर रात टीमें पहुंचीं और पांच राइस मिलों को सील कर अभिलेख कब्जे में ले लिए। अचानक छापेमारी से राइस मिलरों में हड़कंप मच गया। रविवार को पूरे दिन टीम मिल पर रखे गए चावल व धान के स्टाक का मिलान करती रही। देर रात तक जांच जारी रही। एडीएम वित्त एवं राजस्व उमेश कुमार मंगला ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।