छुट्टी से 18 साल बाद लौटा सिपाही, मांगा पेंशन, लापरवाही में बाबू निलंबित
2001 में छुट्टी लेकर गया था सिपाही प्रभुनाथ पांडेय, उसके बाद से नहीं लौटा
2018 में हो गया सेवानिवृत्त, एसपी ने पत्रावली दबाने वाले लिपिक पर की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में तैनात एक सिपाही छुट्टी लेकर गया और 18 साल बाद सेवानिवृत्त होने पर लौटा। एसपी कार्यालय पहुंचकर पेंशन की मांग की तो एसपी भी भौचक रह गए। पूरे मामले की पत्रावली तलब की तो पता चला कि सिपाही के खिलाफ जांच भी हुई थी, लेकिन कार्यालय के कर्मचारियों ने इस रिपोर्ट को दबाकर रखा था। मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी ने कार्यालय के बाबू रमाकांत यादव को निलंबित कर दिया है।
अंबेडकरनगर जिले का निवासी प्रभुनाथ पांडेय जिले में सिपाही के रूप में तैनात था। वर्ष 2001 में वह छुट्टी लेकर गया और लौटा ही नहीं। 28 फरवरी 2018 को वह सेवानिवृत्त भी हो गया। इसके बाद वह तत्कालीन एसपी डॉ. राकेश शंकर से मिला। उन्होंने मामले की जांच कराई। बरहज के तत्कालीन सीओ वरुण मिश्र ने जांच की और उसे अनुपस्थित होने का दोषी पाया। प्रभुनाथ पांडेय ने बीमार होने की बात बताई, लेकिन कोई कागजात नहीं दे सका। इसके बाद उसने तत्कालीन एसपी एन. कोलांची से मिलकर ज्वाइनिंग की गुहार लगाई। मामले से अंजान एन. कोलांची ने उसे ज्वाइन कराने का आदेश दिया था, लेकिन सेवा अवधि पूरी हो जाने के कारण मामला अटक गया। पिछले दिनों फिर प्रभुनाथ पांडेय ने एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र से मिलकर पेंशन दिलाने की मांग की। भौचक एसपी ने मामले की जांच की तो पता चला कि सिपाही पहले ही सेवानिवृत्त हो चुका है। उसके खिलाफ जांच भी हुई थी, लेकिन किसी ने भी इसकी पत्रावली उनके समक्ष प्रस्तुत नहीं की। लापरवाही बरतने पर एसपी ने बुधवार को लिपिक रमाकांत यादव को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि लिपिक ने इस मामले में गलती की है। जब सिपाही प्रभुनाथ पांडेय जरूरी कागजात नहीं दे पा रहा है तो पेंशन कैसे दिलाई जाएगी।