पुरानी पेंशन योजना और चतुर्थ श्रेणी में भर्ती प्रक्रिया की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त सम्मेलन में पदाधिकारियों ने आवाज बुलंद की।
संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों से जुड़े लोगों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सभा का आयोजन किया।
अमरनाथ और केशव सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगें काफी समय से लंबित है।
रामायण राय ने चेतावनी दी कि न्याय संगत मांगों पर शासनादेश जारी नहीं होता है तो विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों को ताकत का अहसास कराया जाएगा।
मंत्री शौकत अली ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में गुस्सा है ऐसे में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए।
अजय सिंह ने कहा कि 8-16-24 वर्ष पर प्रोन्नति पद की ग्रेड पे देने और लिपिक संवर्ग की ग्रेड पे देने के मामले में कोई ठोस अमल सामने नहीं आया है।
अजय प्रकाश धर द्विवेदी ने कहा कि वेतन विसंगतियों पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है। शांति स्वरुप तिवारी और अखिलेश्वर तिवारी ने नियमितीकरण आदि का लाभ देने की मांग की।
रामकृपाल यादव ने कहा कि नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की जा रही है। इसके चलते विकास कार्य सुचारू रुप से नहीं चल रहे हैं।
लीलावती सिंह ने एएनएम, आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और रोजगार सेवकों की मांग पूरी नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की।
सभा को दिनेश्वर मिश्र, नौशादुल्लाह, सुनील सिंह, योगेंद्र तिवारी, अजय मिश्र, वृद्धिचंद्र, मोहन शर्मा, निर्भय नारायण सिंह, हरेंद्र आदि ने संबोधित किया।