ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन नहीं आने से स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए बस और निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। इस रूट की चार प्रमुख ट्रेनों के निरस्त होने से स्टेशनों पर भी चहल पहल कम हो गई है। वहीं मकर संक्रांति त्योहार की वजह से बरहजिया ट्रेन में दो अधिक बोगी जोड़ा गया है। भटनी-वाराणसी रूट की चार प्रमुख ट्रेंनों को सप्ताह में दो दिन निरस्त किया गया है। इससे लखनऊ, दिल्ली, मुम्बई जाने वाले मुसाफिरों को ट्रेन पकड़ने के लिए देवरिया या गोरखपुर जाना पड़ रहा है। रविवार को वाराणसी से गोरखपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस से सफर करने के लिए भटनी, सलेमपुर, लाररोड स्टेशन पर यात्री ट्रेन का इंजतार कर रहे थे। निर्धारित समय पर ट्रेन नहीं पहुंची तो यात्री स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में संपर्क किया। वहां मालूम हुआ कि इंटरसिटी एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन रविवार और मंगलवार नहीं चलेगी। इसके अलावा गोरखपुर से लोकमान्य तिलक तक जाने वाली दादर एक्सप्रेस अप मंगलवार और शुक्रवार, वाराणसी से लखनऊ जाने वाली कृषक एक्सप्रेस शनिवार, मंगलवार, सीतामढ़ी से आनंद बिहार जाने वाली लच्छवी एक्सप्रेस अप शनिवार, मंगलवार और डाउन सोमवार, शुक्रवार नहीं चलेगी। भटनी-वाराणसी रूट की लखनऊ, दिल्ली, मुम्बई जाने वाली ट्रेनों के फरवरी माह के अंत तक सप्ताह में दो दिन निरस्त होने से यात्री काफी परेशान हैं। इसके लिए अब लोगों को ट्रेन से सफर करने के लिए देवरिया, गोरखपुर और मऊ जाना पड़ेगा। मकर संक्रांति के दिन सरयू नदी पर स्नान करने लिए उमड़ता वाली भीड़ को देखते हुए एक सप्ताह तक बरहजिया ट्रेन में पांच की जगह सात बोगी जोड़कर चलाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा भटनी-छपरा रूट पर भी पन्द्रह से अधिक ट्रेनों को निरस्त किया गया है।