शौच के डिब्बों में मिर्च पाउडर डालने की शर्मसार करने वाली घटना के बाद चकरवां गांव के लोग घर में शौचालय नहीं होने से पछता रहे हैं। तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में दो परिवारों को छोड़ कर करीब 100 परिवारों को खुले में शौच करना पड़ता है। गांव में स्वच्छता अभियान के तहत बने शौचालय महज नुमाइशी हैं। गरीबों को इंदिरा आवास के तहत मिले शौचालय ध्वस्त होने के कगार पर हैं।चकरवां गांव में स्वच्छता अभियान के तहत तीन दर्जन लोगों को शौचालय की सुविधा दी गई है। लेकिन जब अमर उजाला की टीम ने मौके पर पड़ताल की तो सिर्फ दो परिवार ही निजी शौचालय का उपयोग करते मिले। गांव के 100 घरों की बस्ती में आधे से अधिक परिवार इंदिरा आवास का लाभ ले कर मकान बनाए हैं। इस आवास के साथ शौचालय बनवाने के लिए भी धन दिया जाता है। इंदिरा आवास के साथ बनाए गए शौचालयों के ढांचे या तो ध्वस्त हो गए हैं या उसमें कंडे रखे गए हैं।