खुखुंदू। ब्लॉक बनाओं संघर्ष समिति ने भारत सरकार के वर्तमान रक्षामंत्री के पास पत्रक भेजकर उनके द्वारा डेढ़ दशक पहले किए वादे को पूरा कराने की मांग उठाई है। 2011 में खुखुंदू में चलें 71 दिनों तक क्रमिक अनशन के दौरान केन्द्रीय मंत्री अनशन स्थल पर पहुंच संगठन के पदाधिकारियों से सरकार बनते ही ब्लॉक बनाने की घोषणा कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि केन्द्र में भाजपा की तीसरी और प्रदेश में दूसरी बार सरकार बनने के बाद भी किया गया वादा पूरा नहीं हो सका है।
बताते चलें कि खुखुंदू को ब्लॉक का दर्जा दिलाने के लिए बीते 35 सालों से क्षेत्रीय लोग और संघर्ष समिति संघर्षरत है। इधर, जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तबसे लेकर अबतक क्षेत्रीय विधायकों ने ब्लांक का मुद्दा सदन में कई बार उठाया। इसके अलावा सीएम और राज्यपाल के पास संगठन के पदाधिकारियों ने कई बार पत्रक दिया। जिसपर शासन की मांग पर तत्कालीन डीएम ने कई बार खुखुंदू को ब्लॉक बनाने की सारी औपचारिकताएं पूरी कर भेजी जा चुकी है। यहां तक कि राजस्व विभाग ने देवरिया सलेमपुर फोरलेन पर नरौली खेम के पास भूमि का भी चिन्हांकन कर ब्लांक के नाम भूमि को दर्ज कर दिया है। इतने के बावजूद अब तक घोषणा नहीं हो पाई है। उधर, ब्लॉक बनाओं संघर्ष समिति के संरक्षक नथुन राय और अध्यक्ष सोबराती किदवई का कहना है डेढ़ दशक पहले खुखुंदू चौराहे पर चले 71 दिनों तक क्रमिक अनशन के दौरान यहां वर्तमान केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही पहुंचे थे और संगठन के पदाधिकारियों से वादा किया था कि जैसे ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी खुखुंदू को ब्लॉक बना दिया जाएगा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को केन्द्रीय मंत्री को रजिस्ट्री पत्र भेजकर उनके द्वारा किए गए वादे की याद दिलाते हुए ब्लॉक की घोषणा कराने की मांग की है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों में एक बार फिर उम्मीद जगी है।