बरहज। सरयू में पिछले करीब एक सप्ताह से सैलाब उमड़ आया है। जिससे नदी का पानी बेलडॉड़ गांव के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंच गया है। हालांकि पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेमी की कमी दर्ज की गई है, लेकिन मुश्किलें बरकरार हैं।
सरयू के जलस्तर में वृद्धि से राप्ती भी उफान पर है। थाना घाट पर बने मीटर गेज पर सरयू खतरे के निशान 66.50 से 85 सेमी ऊपर 67.35 मीटर पर बह रही है। हालांकि शनिवार को नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर 67.50 मीटर तक पहुंची थी। नदी के उफनाने से परसियां देवार के नकियहवा, भरटोला, बिचला टोला, चौधरीपुरवा, बरमहवां, जबकि विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, चौहान बस्ती, लोहार टोला, बांके टोला, जरलहवा और दलित बस्ती तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नगर स्थित सरयू नदी तट पर बने 12 घाटों की सीढि़यां डूब गई हैं। बाढ़ का पानी खेतों के रास्ते बेलडॉड़, राजपुर-नौकाटोला गांव के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंच गया है। जलस्तर में कमी आने के बाद दुश्वारियां बनी हुई हैं। कपरवार स्थित संगम तट पर बने दौलाबंद पर गंगा यादव के मक्के खेत के करीब नदी कटान कर रही है। जलस्तर में आई कमी और कटान शुरु होने से लोग सहमे हुए हैं। सहायक अभियंता, बाढ़ खंड अशोक द्विवेदी ने बताया कि सरयू के जलस्तर में 15 सेमी की कमी दर्ज किया गया है। हालात नियंत्रण में है। संवाद