संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। सलेमपुर-देवरिया मुख्य मार्ग पर बस स्टैंड की पास लाठी-डंडे के बूते मालवाहकों से वसूली की जा रही है। जबकि तीन माह पहले एसपी विक्रांत वीर के निर्देश पर सीओ ने वसूली को अवैध बताते हुए बंद करा दी थी।
सोमवार को नगर पंचायत ने नायब तहसीलदार गोपालजी के नेतृत्व में पुनः टेंडर प्रक्रिया पूरी कर 79 लाख वाली टैक्सी स्टैंड को सिर्फ 20 लाख, 10 हजार रुपये में कर दिया। आरोप है कि ठेके के बाद ठेकेदार के लोगों की दबंगई शुरू हो गई है। इसकी शिकायत कई लोगों ने उच्चाधिकारियों से की है।
नगर पंचायत ने सोहनाग रोड स्थित फौजी हाउस और नगर पंचायत कार्यालय के पास टैक्सी व ऑटो स्टैंड के लिए स्थान तय किया है, मगर चालक सड़क पर गाड़ी खड़ी कर सवारी भरते हैं।
इस वजह से जाम की समस्या बनी रहती है। जाम की समस्या को देखते हुए एसपी विक्रांत वीर के निर्देश पर सीओ दीपक शुक्ला ने तीन माह पहले सलेमपुर-देवरिया मुख्य मार्ग बस स्टैंड की वसूली को अवैध बताते हुए बंद करा दिया था।
आरोप है कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार ने एसपी के निर्देश का उल्लंघन करते हुए दोबारा बस स्टैंड के पास अपने लोगों से वसूली कराई जा रही है। नगर पंचायत के ईओ मृदुल सिंह ने बताया कि कोरोना काल के पहले 79 लाख में स्टैंड हुआ था। इसके बाद 59 लाख में हुआ।
फिर कोरोना के चलते बंद कर दिया गया। पिछले वर्ष टेंडर जारी किया तो ठेकेदार नहीं पहुंच रहे थे। इसके चलते कम में टेंडर किया गया। उसी को आधार बनाकर इस बार भी टेंडर हुआ है।