देवरिया। सोनूघाट-बरहज मार्ग अब फोरलेन में परिवर्तित किया जाएगा। इससे कुशीनगर से वाराणसी जाना आसान हो जाएगा। इससे पर्यटकों को काफी सहूलियत मिलेगी। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। अब शासन इस पर विचार कर रहा है। शीघ्र इसको स्वीकृति मिलने की संभावना है।
कुशीनगर और वाराणसी का सारनाथ दोनों ही भगवान बुद्ध से जुड़े हुए महत्वपूर्ण स्थल हैं। कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी है। यहां विदेश पर्यटक और श्रद्धालु नियमित रूप भगवान बुद्ध के मंदिर में माथा टेकने आते हैं। इसके बाद कई बार श्रद्धालुओं का दल सारनाथ, गया और लुंबिनी समेत भगवान बुद्ध से जुड़े आसपास के स्थानों को जाते रहते हैं। इसमें सड़क मार्ग ही सहायक होता है। कुशीनगर से वाराणसी को जोड़ने के लिए सोनूघाट-बरहज मार्ग अहम कड़ी है। इसको ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सोनूघाट-बरहज मार्ग को फोरलेन में बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसके बन जाने से कुशीनगर से देवरिया, सोनूघाट, बरहज होते हुए रामजानकी मार्ग होकर वाराणसी जाना आसान हो जाएगा। जहां लोग सारनाथ की यात्रा कर सकेंगे।
देवरिया से प्रयागराज की राह भी होगी आसान
- सोनूघाट-बरहज मार्ग के बन जाने से देवरिया से प्रयागराज की राह भी आसान हो जाएगी। सोनूघाट से बरहज होते हुए रामजानकी मार्ग मिल जाएगा। बड़हलगंज के बाद आजमगढ़ होते हुए प्रयागराज की पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे समय की बचत तो होगी ही सफर भी सुरक्षित हो जाएगा।
174 करोड़ की लागत से बनेगा सोनूघाट-बरहज मार्ग
देवरिया से बरहज जाने वाली सड़क सोनूघाट से बरहज तक टू लेन है। इसकी चौड़ाई वर्तमान में सात मीटर है। वह भी जर्जर हालत में है। इस पर गड्ढे भर कर किसी तरह आवागमन लायक बनाया गया है। गड्ढों की वजह से इस पर गाड़ियां रेंगती हुई चलती हैं। अब लोक निर्माण विभाग ने इसके कायाकल्प की तैयारी में है। इसके लिए 174 करोड़ की लागत से फोरलेन में बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस सड़क की चौड़ाई अब सात की जगह 14 मीटर होगी। सड़क के बीच में दो मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा। इसमें हरियाली लगाई जाएगी।
रास्ते में पड़ने वाली आबादी के पास सड़क किनारे बनेगी नाली
सोनूघाट से बरहज तक 21.750 किमी लंबी सड़क के किनारे बसे चौराहों के आसपास लोक निर्माण विभाग नालियां भी बनाएगा। इससे सड़क पर पानी लगकर खराब नहीं होगा। नतीजा सड़क की आयु लंबी होगी। साथ बारिश के दिनों में भी गाड़ियों की गति पर असर नहीं पड़ेगा। गाड़ियां उसी रफ्तार से आती-जाती रहेंगी।
21.75 किमी चलने में एक घंटे से अधिक का लग जाता है समय
बरहज-सोनूघाट मार्ग की 21.75 किमी की दूरी तय करने में अभी एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है। फोरलेन बन जाने से समय की काफी बचत होगी। साथ ही खराब सड़क के चलते होने वाले वाहनों के नुकसान से भी बचाव होगा। गाड़ियों की लाइफ बढ़ जाएगी।