धांधली करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी में जुटा कृषि विभाग
यूरिया की कालाबाजारी की जांच में खुली पोल, सहमे दुकानदार
दुकानों को निलंबित करने और कार्रवाई की तैयारी में कृषि विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कृषि मंत्री के गृह जनपद में बड़े पैमाने पर खाद की कालाबाजारी का मामला जांच में सामने आया है। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद कृषि मंत्री पर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों की मानें तो यूरिया की कालाबाजारी सामने आई है। नाबालिग बच्ची, पत्नी के अलावा खेती-किसानी से दूर-दूर तक नाता नहीं रखने वालों को यूरिया दी गई है। धांधली करने वाले सचिव और दुकानदारों पर कार्रवाई की तैयारी में कृषि विभाग जुटा है। इसको लेकर अन्य यूरिया विक्रेताओं में खलबली मची है।
जिले में पर्याप्त यूरिया होने के बाद भी किसानों तक नहीं पहुंची। ऐसी शिकायत सीएम पोर्टल के अलावा अफसरों तक लगातार पहुंच रही थी। केंद्रीय जांच समिति ने कृषि विभाग को जिले के बीच उर्वरक विक्रेताओं की सूची दी और इन विक्रेताओं की ओर से यूरिया बिक्री में धांधली का अंदेशा जताते हुए जांच के निर्देश दिए। डीएम अमित किशोर के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम गठित की गई। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार रुद्रपुर तहसील की साधन सहकारी समिति मदनपुर, साधन सहकारी समिति मांगा, साधन सहकारी समिति कोल्हुुआ के अलावा भाटपाररानी, बड़का गांव, मदरापाली, पिपरा भुल्ली, मिश्रौली दीक्षित, सेमरौना, मुंडेरा समेत बीस समितियों पर धांधली पकड़ में आई है। जांच अधिकारी इसकी रिपोर्ट कृषि विभाग को सौंप दिए हैं। धांधली करने वाले सचिव व दुकानदारों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। रुद्रपुर तहसील के कई सचिव ऐसे हैं जो अपनी नाबालिग भतीजी, पत्नी और खेती किसानी से नाता नहीं रखने वाले लोगों का आधार कार्ड उपयोग कर यूरिया बेच दिए हैं। इसके अलावा भी जिले के अधिकांश उर्वरक दुकानदार और सचिव ऐसा हथकंडा अपनाए हैं। अगर इसकी जांच सभी उर्वरक केंद्रों पर हो तो यूरिया की और कालाबाजारी सामने आ सकती है।
पॉश मशीन में अपलोड हो जाता है
देवरिया। समितियों और उर्वरक दुकानदारों को यूरिया अलाट किया जाता है तो पॉश मशीन में अपलोड हो जाता है। जब तक पॉश मशीन में यूरिया की उपलब्धता शून्य नहीं दिखेगी। तब तक उस सचिव और उर्वरक विक्रेता को यूरिया नहीं मिलेगी। यूरिया पाने के चक्कर में सचिव व दुकानदार पॉश मशीन की उपलब्धता शून्य दिखाने के लिए अपने रिश्तेदार, परिचित और परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड उपयोग किया गया है। ऐसा विभागीय अफसरों का मानना है, लेकिन यह यूरिया की कालाबाजारी की श्रेणी में आ रहा है।
वर्जन
केंद्र की ओर से जिन बीस दुकानों और समितियों की सूची आई थी। जांच में यूरिया की कालाबाजारी सामने आई है। सचिव व दुकानदार अपने परिवार के सदस्यों और नाबालिग का आधार कार्ड यूरिया बिक्री में प्रयोग किए हैं। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मुहम्मद मुजम्मिल जिला कृषि अधिकारी
इस माह जिले को मिलेगी यूरिया की दो और रैक
अब तक जिले को 33785 एमटी मिली यूरिया, 25195 एमटी किसानों में हुआ वितरण
4734 एमटी यूरिया का होल्ड किया गया है स्टॉक, समितियों पर उपलब्ध है यूरिया
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में कालाबाजारी के बाद यूरिया की किल्लत बढ़ गई। इस माह जिले को यूरिया की दो रैक यानी 3200 एमटी मिलेगी, जबकि आठ हजार एमटी यूरिया समितियों पर उपलब्ध बताई जा रही है। 4734 एमटी यूरिया का स्टॉक होल्ड किया गया है।
कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही का जिला होने के बावजूद यूरिया को लेकर किसानों को शुरुआती दौर में दुश्वारी झेलनी पड़ी। अब तक जिले को 33785 एमटी यूरिया खरीफ के सीजन में मिल चुकी है। समितियों और निजी दुकानों के माध्यम से किसानों में 25195 एमटी यूरिया का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग की मानें तो अभी जिले की समितियों और दुकानों पर आठ हजार एमटी यूरिया पड़ी है। पॉश मशीन के जरिए किसानों को दी जा रही है। इमरजेंसी के लिए 4734 एमटी यूरिया स्टॉक की गई है। इसी महीने में जिले को यूरिया की दो और रैक आएगी। किसानों को किसी तरह की यूरिया की किल्लत नहीं होगी। इस पर कृषि विभाग के अफसरों की खास नजर है। देवरिया में यूरिया मिलने और बिक्री की मॉनिटरिंग शासन स्तर से की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल ने बताया कि दो रैक यूरिया जिले को और इस महीने मिलेगी। जिले में यूरिया पर्याप्त है। इसकी रिपोर्टिंग प्रतिदिन शासन को की जा रही है।