नेपाल में बारिश का असर, राप्ती, गुर्रा का बढ़ रहा जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में बारिश भले ही ना हो रही हो, लेकिन नेपाल की बारिश का असर नदियों में दिख रहा है। राप्ती और गुर्रा नदी के जलस्तर में दो दिनों से चढ़ाव जारी है। सोमवार को भेड़ी गेज स्थल पर राप्ती खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे बह रही थी तो पिड़रा घाट पर गुर्रा का जलस्तर खतरे के निशान से ढाई मीटर नीचे मापा गया। रह-रहकर बढ़ते नदियों के जलस्तर को लेकर तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं। केवटलिया गांव निवासी महेश यादव, गोपाल शर्मा आदि ने बताया कि जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ का खतरा सता रहता है। घटने पर कटान शुरू हो जा रही है।
बीते एक हफ्ते में हुए बारिश के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 6.60 एमएम बारिश हुई है। जिसका नदियों पर असर ना के बराबर माना जा रहा है। जबकि नेपाल में इन दिनों रूक-रूककर झमाझम बारिश हो रही है। इसका पानी राप्ती से होकर गुर्रा में भी आता है। शुक्रवार तक जिले की चारों नदियों घाघरा, राप्ती, गुर्रा व छोटी गंडक का जलस्तर सामान्य चल रहा था। शनिवार सुबह गुर्रा में पानी बढ़ने लगा। रविवार सुबह राप्ती के जलस्तर में भी इजाफा देखने को मिला।
नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी - खतरा - जलस्तर
राप्ती - 70.50 - 66.45
गुर्रा - 70.50 - 66.50
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एक हफ्ते में हुई बारिश
10 जुलाई- 0.40 एमएम
11 जुलाई- 0.80 एमएम
12 जुलाई- 0.40 एमएम
13 जुलाई-0.80 एमएम
14 जुलाई- 1.80 एमएम
15 जुलाई- 2.40 एमएम
16 जुलाई- शून्य एमएम
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कोट:
राप्ती और गुर्रा नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, लेकिन घबराने जैसी बात नहीं है। दोनों नदियां खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे बह रही हैं। छोटी गंडक और घाघरा की स्थिति सामान्य है। - एनके जाड़िया, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड