देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की दूसरी मंजिल से गिरकर मरीज रामानुज चौहान की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर वार्ड की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड को हटा दिया गया है। मौत से पहले सीसीटीवी में गैलरी में भागते हुए रामानुज दिखाई दिया है।
हालांकि, वह किस वजह से भाग रहे थे और खिड़की तक कैसे पहुंचें, यह स्पष्ट नहीं है। जिस स्थान से वह नीचे गिरे, वहां कैमरा नहीं लगा है। आसपास लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
मामले की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय और डीएम मधुसूदन हुल्गी ने सदर तहसीलदार अलका सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
डीएम की कमेटी यह देख रही है कि वार्ड से निकलते समय मरीज को किसी कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी ने देखा था या नहीं। मेडिकल कॉलेज की टीम ड्यूटी चार्ट, सीसीटीवी और कर्मचारियों के बयान के साथ इलाज संबंधी अभिलेखों की जांच करेगी।
मेडिकल कॉलेज की पांच सदस्यीय कमेटी में सीएमएस डॉ. एचके मिश्र, डॉ. अजीत पाल, डॉ. एसएस द्विवेदी, डॉ. सिराजुद्दीन और डॉ. धीरज सिंह शामिल हैं।
गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र के महदेवा बाजार निवासी रामानुज लिवर की बीमारी के चलते मेडिकल वार्ड में भर्ती थे।
रविवार की रात करीब 9:50 बजे वह दूसरी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए। ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराने का लिखित अनुरोध देकर शव ले गए।
मंगलवार को दिनभर मेडिकल काॅलेज में गहमागहमी का माहाैल रहा है। जांच की वजह से कर्मचारी भी व्यस्त दिखाई दिए।
कॉलेज परिसर में करीब 250 सीसीटीवी कैमरे, 120 सुरक्षा गार्ड और 40 से 42 होमगार्ड तैनात हैं। जिस स्थान से मरीज गिरा, उसे फायर एग्जिट का हिस्सा बताया गया है, इसलिए वहां ग्रिल नहीं लगी है।