देवरिया। रमजान माह के आगमन के साथ ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मुस्लिम समाज के अनुसार रमजान बरकत, इबादत और रोजे का महीना है, ऐसे में इफ्तार में खजूर का विशेष महत्व होता है। इसी वजह से बाजारों में विदेशी खजूर की 18 से अधिक किस्मों के साथ-साथ विभिन्न डिजाइन की टोपियां भी बड़ी संख्या में बिक रही हैं।
बाजार में इस बार सऊदी अरब, दुबई, ईरान और इराक से खजूर की अलग-अलग वैरायटी मंगाई गई हैं। ग्राहक स्वाद, आकार और गुणवत्ता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। अबूबकर नगर के व्यापारियों का कहना है कि सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन 5 से 6 किलो खजूर की बिक्री होती है, वहीं रमजान के दौरान यह बढ़कर 15 से 20 किलो तक पहुंच जाती है। त्योहार की तैयारी के साथ बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है और खजूर की बहार से कारोबारियों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। बाजार में खजूर 160 रुपये से लेकर 2400 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। इसमें देशी खजूर 160 रुपये प्रति किलो, मगरुम 400 रुपये किलो, इरानी खजूर 200 रुपये किलो, ट्यूनिशिया का खजूर 600 रुपये किलो, सउदी कलमी 980 रुपये प्रतिकिलो, सगई 800 से 1200 रुपये प्रतिकिलो के भाव से बिक रहा है। वहीं सउदी मेटजोल 1200 रुपये किलो, जार्डन मेटजोल खजूर 2400 रुपये किलो बिक रहा है। बाजार में लोगों की मांग के मुताबिक सफेद, कढ़ाईदार, अरबी डिजाइन और जालीदार टोपियां 50 से 140 रुपये तक में बिक रही हैं। युवाओं और बच्चों के लिए भी अलग-अलग आकर्षक डिजाइन उपलब्ध हैं। इसमें टर्किश टोपी 150 रुपये, मौलाना शाद टोपी 60 रुपये, ओवैशी टोपी 50 रुपये प्रति नग बिक रही है।