एक पखवारा में थाना क्षेत्र के अंदर चार बार पकड़े गए तस्कर और मवेशी
बरहज। क्षेत्र के कपरवार स्थित अंतरजनपदीय रामजानकी मार्ग इन दिनों पशु तस्करों का पसंदीदा रास्ता बना हुआ है। महज एक पखवारे में चार बार मवेशियों और तस्करों के पकड़े जाने की बात सामने आई है जो स्थानीय पुलिस चौकी के अलावा गोरखपुर जनपद के पटना पुलिस पिकेट के निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। कार्रवाई के बाद भी तस्करी की घटना कहीं न कहीं पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र की चूक दर्शा रहा है। जो चर्चा में है।
कपरवार के राप्ती नदी तट स्थित उग्रसेन सेतु के दोनों तरफ अंतर जनपदीय रामजानकी मार्ग पर पुलिस पिकेट बनाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद पिछले कुछ दिनों से इस मार्ग से गो-तस्करी की घटना बढ़ गई है। पशु तस्कर मवेशियों से भरी पिकअप लेकर आसानी से दोनों पुलिस चौकी पार कर जा रहे हैं जो थाना क्षेत्र के अन्य जगहों से पकड़े गए हैं। पिछले दिनों हुई कार्रवाई में पकड़े गए तस्कर आजमगढ़ और जौनपुर क्षेत्र के बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ तस्करों पर अन्य थानों में विभिन्न मामलों में कार्रवाई भी हो चुकी है।
लोगों के अनुसार पशु तस्कर इस आसान मार्ग से मवेशियों से लदे वाहन को पैना, लार, मेहरौना बाॅर्डर के रास्ते बिहार और बंगलादेश ले जा रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि तस्करों का बरहज के अन्य क्षेत्रों में पकड़ा जाना गोरखपुर के बड़हलगंज, पटना और कपरवार पुलिस चौकी पासिंग प्वाइंट बन गया है। इससे यह मार्ग पशु तस्करों के लिए सुगम हो गया है।
इंसेट में-
केस नंबर एक-
26 नवंबर बुधवार को नगर के लवरछी बाईपास स्थित रामजानकी मार्ग पर पुलिस ने मवेशियों से लदा एक पिकअप पकड़ा था, जिसमें एक मृत सहित सात मवेशी लदे हुए थे। जबकि पुलिस ने पशु तस्कर और आजमगढ़ निवासी प्रिंस कुमार को गिरफ्तार करते हुए कार्रवाई किया था। दिन में करीब ढाई बजे फोन पर पुलिस को मवेशियों से लदे वाहन जाने की सूचना मिली थी।
केस नंबर दो-
29 नवंबर को कपरवार स्थित पानी की टंकी के निकट चौकी पुलिस कील लगे लोहे की चादर बिछाकर सड़क जाम कर दिया था, जिससे सड़क के दोनों तरफ करीब एक से डेढ़ घंटे तक जाम लग गया था, लेकिन कपरवार पुलिस को सफलता हाथ नहीं लग सकी। लोगों के अनुसार कुछ ही घंटे बाद राहगीरों ने पुलिस को लवरछी बाइपास के निकट सड़क के किनारे खाई में मवेशियों लदी पिकअप के पलटने की सूचना दिया गया था। जामा तलाशी में पिकअप में एक गाय, एक बछिया और पांच बछड़े बरामद हुए थे।
केस नंबर तीन
दो दिसंबर को पुलिस ने देईडीहा गांव के निकट रामजानकी मार्ग पर चार तस्करों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार जिनकी पहचान आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरीहा गांव निवासी शकील अहमद पुत्र स्व. शब्बीर, जौनपुर के सिंगरामऊ थाना के मिश्रौली निवासी आजाद मोहम्मद उर्फ नाटे, मोहम्मद रऊफ पुत्र गुल्लु उर्फ गुलाम और करीमुद्दीन पुत्र अलाउद्दीन के रुप में हुई थी। जामा तलाशी में शकील अहमद के पास से एक देशी तमंचा, 12 बोर के दो जिंदा कारतूस, आजाद मोहम्मद उर्फ नाटे के पास से एक चाकू मिला था।
केस नंबर चार
तीन दिसंबर को आजमगढ़ और जौनपुर के पशु तस्करों ने बड़हलगंज-कपरवार के रास्ते जनपद की सीमा प्रवेश कर बरेजी पुल के रास्ते बिहार जाने की फिराक में थे। पुलिस जिन्हें बरेजी पुल से पशुओं सहित दो तस्करों को पकड़ने में कामयाब रही। पशु तस्करों की पहचान आजमगढ़ के सरायमीर थाना के सुरही बुजुर्ग निवासी मुकेश चौहान पुत्र पलकधारी और जौनपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र के कादीपुर उसरहिया निवासी छोटेलाल चौहान पुत्र संजय कुमार के रूप में हुई।
कोट-
पुलिस चौकियों पर चौकसी बरती जाती है। यह काफी रिस्की है। इसके बावजूद लगातार निगरानी हो रही है। इससे मवेशी और तस्कर पकड़े जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद भी इसमें कमी नहीं आना चिंताजनक है। इस मार्ग पर निगरानी और बढ़ाई जाएगी। तस्करों का नेटवर्क भी खंगाला जायेगा। रही बात पटना पुलिस चौकी की, तो वो गैर जनपद में है।
-सुनील सिंह, एडिशनल एसपी, दक्षिणी