सादा जीवन और उच्च विचार वाले थे राजेंद्र बाबू
देवरिया। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर बृहस्पतिवार को विभिन्न संगठनों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए गए। टाउन हाल स्थित कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने प्रथम राष्ट्रपति के चित्र पर पुष्पांजलि कर उन्हें याद किया। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जीवन सादगी भरा था। वह उच्च विचारों वाले थे। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। इस दौरान जयदीप त्रिपाठी, मुकुंद भाष्कर मणि, आनंददेव गिरि, अरविंद शाही, भरत मणि त्रिपाठी, विजय शेखर मल्ल, धर्मेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर अधिवक्ता भवन में गोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन रामानुज शुक्ला, मंत्री ज्ञानेश्वर मिश्रा, नवल किशोर मिश्रा, चंद्रबली शुक्ला, बृजबांके तिवारी, भोज प्रसाद कुशवाहा, हरिलाल यादव आदि मौजूद रहे। दी कलेक्ट्रेट सेंट्रल बार एसोसिएशन ने प्रथम राष्ट्रपति की जयंती को अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया। अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह व एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन संत शरण तिवारी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने देश के प्रति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान के बारे में चर्चा की।
इस दौरान इम्तियाज अहमद, रामनगीना यादव, गिरीश शुक्ल, व्रजेश सिंह, अशोक कुमार सिंह, सतीश चंद्र श्रीवास्तव, विनोद कुमार सिंह, रमाशंकर यादव, रामअशीष यादव, बीबी सिंह आदि मौजूद रहे। जिला ट्रांसपोर्ट बार एसोसिएशन ने बाबू राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर एआरटीओ कार्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया। अधिवक्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। इस दौरान अध्यक्ष संतोष कुमार श्रीवास्तव, अखिलेश्वर मणि त्रिपाठी, शिव कुमार मल्ल, पूर्व अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह, सुग्रीव मिश्रा, धर्मेंद्र मिश्रा, रवि मिश्रा, महताब आलम, जावेद अहमद, सच्चिदानंद श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार गुप्ता आदि अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे।
समाजवादी अधिवक्ता सभा की ओर से कचहरी रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिवक्ताओं ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विजयसेन यादव तथा संचालन जिला महसचिव अर्जुन यादव ने किया। इस दौरान पूर्व प्रदेश सचिव कृष्ण मोहन यादव, सच्चिदानंद यादव, वीरेंद्र साहनी, जयप्रकाश कुशवाहा, रामप्रवेश सिंह, राकेश शाही, अमरजीत यादव, चंद्रेश कुशवाहा, गिरिजा यादव, अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।