सोनौली। नामी दवा कंपनियों के नाम पर नकली और नशीली दवाओं की बिक्री और अवैध तस्करी करने वाले मेडिकल संचालकों के खिलाफ प्रशासन ने बुधवार को जांच अभियान चलाया। इस दौरान 12 मेडिकल स्टोरों की जांच की गई। साथ ही, सैंपल लिए गए। इस कार्रवाई से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया।
ठूठीबारी में कोडीनयुक्त कफ सिरप की बरामदगी के बाद सोनौली के युवक की गिरफ्तारी और उसके बयान के बाद विभाग ने सीमावर्ती क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर की जांच शुरू कर दी है। बुधवार की दोपहर एसडीएम नौतनवा के नेतृत्व में स्वास्थ्य और ड्रग्स विभाग की टीम सोनौली पहुंची।
दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने सोनौली और हरदीडाली इलाके में दर्जन भर से अधिक मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीमों ने मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण दवाओं के सैंपल लिए। वहीं मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन समेत तमाम दस्तावेजों की जांच भी की गई।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया जनपद स्तरीय टीम गठित की गई है जो सभी मेडिकल स्टोरों पर जाकर मेडिकल स्टोर के लाइसेंस की वैधता चेक कर रही है। साथ ही सभी दवाओं के नमूने भी लिए जा रहे हैं।
एसडीएम नवीन कुमार ने बताया की भारत-नेपाल की सीमा बहुत ही संवेदनशील है। नशीली दवाओं की तस्करी की कई बार शिकायत मिलने के बाद टीम गठित कर सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई है और दवाओं के सैंपल भी लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा साफ है कि नशीली दवाओं का काम करने वाले लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।