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शिकायत पर मारा छापा

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रामनाथ देवरिया के शहीद गेट के समीप न्यू मेट्रो हास्पीटल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया छापेम? - फोटो : DEORIA
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शिकायत पर मारा छापा
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खानापूर्ति के तौर नोटिस देकर मांगा स्पष्टीकरण
पूर्व में भी इन अस्पतालों पर हो चुकी है छापेमारी
शिकायतकर्ता के आत्मदाह की चेतावनी पर पहुंची थी विभाग की टीम
तीनों जगह जिस डॉक्टर के नाम से रजिस्ट्रेशन था वह नहीं मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शिकायतकर्ता के आत्मदाह की चेतावनी पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक नर्सिंगहोम में चाय की चुस्की लेकर चली गई। खानापूर्ति के तौर पर दो नर्सिंगहोम संचालक और एक अल्ट्रासाउंड संचालक को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके पूर्व भी इन नर्सिंग होम पर छापेमारी हो चुकी है, बावजूद संचालक मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं।
शिवसेना के नेता दिग्विजय चौबे ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर रामनाथ देवरिया के विजय लक्ष्मी केयर सेंटर, न्यू मेट्रो अस्पताल और शिव अल्ट्रासाउंड सेंटर का मानक को दरकिनार कर संचालित होने की शिकायत की थी। बावजूद जिम्मेदार इन अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई नहीं कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने 15 दिसंबर को सीएमओ कार्यालय पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह विजय लक्ष्मी केयर सेंटर पर पहुंचे। वहां आठ बेड और ओटी मिला, लेकिन कोई मरीज नहीं मिले। नोटिस देकर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा। शिव अल्ट्रासाउंड सेंटर का रजिस्ट्रेशन जिस डॉक्टर के नाम से था, वह नहीं मिला। तीन मरीज बैठे थे। वहां मौजूद युवक को एसीएमओ ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद टीम न्यू मेट्रो अस्पताल पर पहुंची, वहां पर संचालक बिट्टू सिंह मिले। महिलाओं का सीजेरियन हुआ था। कुछ देर बाद एक सर्जन भी पहुंच गए, लेकिन जिस डॉक्टर के नाम से अस्पताल का रजिस्ट्रेशन था, वे नहीं आए। स्वास्थ्य विभाग टीम के कुछ सदस्य सर्जन और संचालक के साथ बैठकर चाय पीने के बाद चल दिए। एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों अस्पताल संचालक और अल्ट्रासाउंड संचालक को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब नहीं देने पर रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा।
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बरामद हो चुका है सरकारी अस्पताल का दवा
न्यू मेट्रो अस्पताल पर तत्कालीन सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने छापेमारी की थी तो सरकारी अस्पताल की दवाएं काफी मात्रा में बरामद हुआ था। विभागीय कार्रवाई में ढिलाई के कारण कोर्ट का सहारा लेकर संचालक पुन: अस्पताल शुरू कर दिया। विभागीय मिलीभगत के कारण मानक को दरकिनार अस्पताल का संचालन कर रहा है। विभागीय जिम्मेदार ऐसे अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई से मुंह मोड़ रहे हैं। इसका कारण काफी दिनों से गृह जिले में तैनाती और आपसी साठगांठ बताई जा रही है।
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