संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के संत विनोबा पीजी कॉलेज में विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया चर्चा का विषय बनी हुई है। घोषित प्रथम मेरिट सूची में कॉलेज स्तर से ही पहले गड़बड़ी की गई, जिसका पता चलने पर इसे आनन फानन में दुरुस्त किया गया।
अब सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर यहां के कुछ पूर्व छात्र सक्रिय हो गए हैं। वह 150 सीटों पर प्रवेश कराने की मांग को लेकर लगातार कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाए हुए हैं। ऐसे में कॉलेज में माहौल गर्म बना हुआ है।
चार दिन पहले तो हंगामा करने पर प्राचार्य ने परिसर में पुलिस भी बुलवा लिया था। मंगलवार को भी इसे लेकर परिसर में कुछ छात्रों व प्राचार्य में बहस हुई थी।
शहर का संत विनोबा कॉलेज इधर अपनी पढ़ाई-लिखाई को लेकर नहीं, अन्य कारणों से ज्यादा चर्चित हो रहा है। विधि की पढ़ाई के लिए यहां जनपद के अलावा कुशीनगर, गोरखपुर व बिहार तक के छात्र आते हैं। सत्र 2024-25 के लिए यहां प्रवेश प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यहां विधि प्रथम वर्ष में कुल 120 सीटे हैं। इसके अलावा 12 सीटों आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का प्रवेश होता है। निर्धारित सीटें लगभग भर चुकी हैं, केवल ईडब्ल्यूएस की खाली सीटों पर प्रवेश होना है। इसे लेकर विद्यालय प्रशासन पर कुछ लोग लगातार दबाव बना रहे हैं। साथ ही पूर्व में घोषित सूची पर भी यह सवाल उठा चुके हैं। इससे मेरिट के आधार पर होने वाली प्रवेश प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है। यहां के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष रहे आनंद श्रीवास्तव, बालमुकुंद मिश्र व निर्भय शाही, सुधांशु रंजन मिश्र आदि ने बताया कि पिछली बार विधि में 150 प्रवेश हुए थे।
बिना किसी लिखित आदेश या सूचना के ही इस बार 132 सीटों पर ही प्रवेश की बात कही जा रही है। पिछली बार भी सीट बढ़ी तो इसके लिए कोई आदेश नहीं था। आरोप लगाया कि अपने चहेतों को प्रवेश बढ़ाने के लिए सीटें बढ़ा दी गई थी।