संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। पुरैना के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला महोत्सव के आखिरी दिन श्रीराम के वनवास से लौटने, भरत मिलाप व राम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। रावण वध कर विभीषण को लंका का राज सौंपने के बाद श्रीराम के अयोध्या लौटने पर प्रजा की खुशी का ठिकाना नही रहा।
भरत और शत्रुघ्न के साथ पूरी अयोध्या भगवान राम-लक्ष्मण और माता सीता को लेने अयोध्या की सीमा पर पहुंचीं। अयोध्या पहुंच भगवान राम सर्वप्रथम माता कैकेयी और फिर भाई भरत से मिले। यह दृश्य देख उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। तत्पश्चात राज्याभिषेक की तैयारी की गई। राजगद्दी पर बैठने के बाद सबसे पहले गुरु वशिष्ठ ने राजतिलक किया।
तत्पश्चात मंचन के मुख्य अतिथि पर्यावरण प्रहरी के रूप में प्रसिद्ध शमशाद मलिक ने राजतिलक किया और भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और मां सीता की आरती उतारी गई। भगवान श्रीराम के जयकारे से वातावरण गूंज उठा। दर्शक आधी रात तक रामलीला मंचन का आनंद लेते रहे। इस दौरान पर विजय शंकर दूबे, रामकृपाल दूबे, भीम सिंह, अवधेश दूबे, रामवचन जायसवाल, मनोज दूबे, आदि मौजूद रहे।