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Deoria News: पीटीए मशीन खराब, सुनने की क्षमता की जांच न होने से मरीज परेशान

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- मशीन खराब होने से कान की बीमारी से पीड़ितों का नहीं हो पा रहा समुचित इलाज
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- प्राइवेट में अधिक कीमत देकर करानी पड़ रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में कम सुनाई देने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों के इलाज में परेशानी हो रही है। पीटीए (प्योर टोन ऑडियोमीटर) मशीन खराब होने से श्रवण शक्ति की जांच नहीं हो पा रही है। मशीन खराब होने से जांच चार दिन से ठप है, जिससे मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। रोजाना 10-15 मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। यहां मरीजों की लंबी लाइन लगती है। हर रोज तकरीबन दो सौ से अधिक मरीजों का इलाज किया जाता है। यहां कान से कम सुनाई देने, कान में सीटी जैसी आवाज सुनाई देने से पीड़ित करीब दस से पंद्रह पीड़ित पहुंचते हैं। इसमें अधिकांश बुजुर्ग होते हैं। उन्हें कान की नस के कमजोर होने व सूखने से लोगों को दिक्कत आती है। इसके लिए पीटीए जांच कराई जाती है। इसकी जांच की सुविधा अस्पताल में है।
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अलग से एक साउंड प्रूफ कमरा बना है तथा ऑडियो मेट्री जांच के लिए पीटीए मशीन भी है, लेकिन करीब चार दिन से मशीन खराब पड़ी है, लेकिन अब तक मशीन ठीक नहीं हो सकी है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिले के विभिन्न हिस्सों के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले बुजुर्ग लोगों की जांच नहीं हो पा रही है। सुनने के क्षमता की जांच न होने से जानकारी नहीं हो पाती है कि कितना नुकसान हुआ और बीमारी कितनी गंभीर है। बीमारी दवा से ठीक होगी कि मशीन लगाना पड़ेगा। इस तरह की दिक्कत लेकर आने वाले मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों व दूसरी जगह जाना पड़ रहा है, जहां उन्हें 300 से 500 रुपये शुल्क देना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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ये होती हैं जांचें
ऑडियो मेट्री मशीन से कम सुनाई देने वाले मरीजों के श्रवण शक्ति की जांच होती है। साथ ही कान में आवाज सुनाई देने, चक्कर आने की जांच होती है।

कोट
मेडिकल कॉलेज में सुनाई देने के जांच की सुविधा है। इसके लिए मशीन है। उसमें कुछ खराबी आ गई है। उसे ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही मशीन आ जाएगी। इसके बाद जांच शुरू हो जाएगी। नई मशीन मंगाने की भी प्रक्रिया चल रही है।

-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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