-4.18 करोड़ की लागत से जनवरी में ही बनकर तैयार हो जानी थी, अगस्त में भी अधूरी
- गिट्टी गिराने के बाद रोलर चलाकर बंद कर दिया गया है कार्य
- सड़क पर गिट्टी ऊपर होने के चलते आने व जाने वालों को हो रही परेशानी
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आईटीआई के अगस्तपार से धमऊर परशुराम तक बननी है सड़क, करीब 6.500 किमी है लंबी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के आईटीआई के अगस्तपार से धमऊर परशुराम जाने वाली सड़क का निर्माण ठेकेदार की मनमानी से अधर में लटक गया है। 4.18 करोड़ रुपये की लागत से उक्त सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पर गौर करें तो गिट्टी गिराकर उस पर बालू डालकर रोलर चला दिया गया है। जनवरी में उक्त सड़क का निर्माण पूरा होना था, लेकिन अगस्त बीतने को है, अभी तक उक्त यह सड़क लटकी है।
इधर सड़क की जगह-जगह गिट्टी उखड़ने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आईटीआई के अगस्तपार से धमऊर परशुराम तक करीब 6.500 किमी लंबी सड़क का निर्माण शुरू हुआ, तो ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। 4.18 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क का निर्माण जनवरी में पूरा कर लेना था, लेकिन ठेकेदार की मनमानी के चलते काम अभी तक लटका हुआ है।
दो दर्जन गांव के ग्रामीणों को हो रही परेशानी
शहर के आईटीआई के अगस्तपार से लगायत धमउर परशुराम गांव के साथ साथ करीब दो दर्जन गांव के लोगों को सड़क निर्माण न होने व उखड़ी गिट्टियों के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से होकर धमउर गोपाल, सहजौली, पिपरा चंद्रभान, रानीघाट, फुलवरिया लक्षी, हाटा खास, कुर्थियां, मठ, टोडर गिरि सहित दो दर्जन गावों के लोग आते जाते हैं। देवरिया शहर में आने का सीधा रास्ता होने के चलते इस मार्ग पर काफी लोगों की आवाजाही रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी साइकिल स्कूल आने वाले स्कूली बच्चों को हो रही है।
गिरकर दो दर्जन लोग हो चुके हैं घायल
अगस्तपार निवासी कमलेश तिवारी, रामप्यारे, टेकुआ निवासी उमेश यादव, रानीघाट निवासी बच्चा प्रसाद ने बताया कि सड़क के अधर में लटकने का दंश हम सभी करीब दो वर्षों से झेल रहे हैं। जबसे से गिट्टी गिराकर छोड़ा गया है, तबसे परेशानी और बढ़ गई है। यहां तक कि तीन पहिया और चार पहिया वाहन की बात कौन कहे करीब दो दर्जन से अधिक दो बाइक और साइकिल सवार गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। समय रहते विभाग नहीं चेता तो आगे स्थिति भयावह हो सकती है। स्थानीय लोग और राहगीर गुस्से में हैं। उनका गुस्सा विभाग को झेलना पड़ेगा।
क्या कहते हैं ग्रामीण
अगस्तपार से धमउर परशुराम तक की सड़क का हाल बहुत खराब है। कई माह से गिट्टी गिराकर काफी हम सभी राहगीरों को दिक्कत हो रही है।
-गोविंद कुमार, राहगीर रानीघाट
इस सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है। ठेकेदार और अधिकारियों की कोई चिंता ही नहीं है। जिस सड़क का निर्माण जनवरी माह में हो जाना चाहिए वह अभी अधूरी है।
-मनोज प्रसाद, अगस्तपार
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करीब एक साल से गिट्टी गिराकर विभाग सो गया है। उनको क्या गरज लगी है। हम लोग परेशानी को झेल रहे है। लोग आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे है। ठेकेदार की मनमानी व विभाग की उदासीनता के चलते लोग परेशान हो रहे है।
-अनिल सिंह, धमउर परशुराम
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कोट
गिट्टी की कुटाई में थोड़ी देरी हो गई थी। अब बरसात का मौसम है। इंतजार है कि मौसम एक सप्ताह खुला हुआ मिले तो तुरंत पेंटिंग करा दी जाएगी। जितनी जल्दी हो सके, सड़क का निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा।
-सूर्य प्रकाश, अधिशासी अभियंता, आरईएस