वकीलों ने पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में प्रदर्शन किया। वकीलों ने खुखुंदू के पड़री बाजार में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के बाद बबाल के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।
आरोप लगाया कि एसओ खुखुंदू ने एक वकील के पेट में अपना रिवाल्वर सटाकर जान से मारने की कोशिश की। वकीलों ने एसओ को निलंबित करने और उनके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। साथ ही निर्दोष लोगों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की।
इसके पूर्व डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शिवपूजन सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें न्यायिक कार्य न करने का निर्णय लिया गया। वकीलों ने कहा कि घटना के दिन एसओ खुखुंदू ने नंगा रिवाल्वर वकील के पेट पर लगाकर जान से मारने की कोशिश की है।
एसओ को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। साथ उसके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। सचिव अनिल कुमार सिंह ने कहा कि हम लोगों ने एसपी से बार बार मिलकर बिगड़ती कानून व्यवस्था को ठीक करने की मांग की। लेकिन एसपी के मीठे बोल अपराध रोकने में असफल साबित हुए। जिले की पुलिस वकीलों को प्रताड़ित करने में लगी है।
पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र राव ने कहा कि एसओ ने एक वकील के पेट पर रिवाल्वर सटाकर जान से मारने की कोशिश की लेकिन उनके खिलाफ केस दर्ज न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
यदि एसपी वकील को जान से मारने की कोशिश करने वाले एसओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं तो वकील आंदोलन करेेंगे। इस मौके पर श्रीराम तिवारी, कौशल किशोर, संदीप पाल, राजेश शुक्ला, प्रवीन, वीरेंद्र साहनी, राधेश्याम पाठक आदि मौजूद रहे।