भागलपुर। बलिया, बक्सर और वाराणसी जाने वालों को रोजाना पैदल ही सरयू नदी के भागलपुर पुल को पार करना पड़ता है। वजह यह कि दो साल से पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। ई-रिक्शा और टैंपो चालक पुल पार कराने के लिए मुंहमांगी कीमत लेते हैं। भागलपुर पुल के छठवें पाएं की ज्वाइंट के जोड़ में आई दरार की वजह से पुल को क्षतिग्रस्त घोषित कर दिया गया है। इस पर नौ फिट ऊंचा हाईट गेट बैरियर लगाकर भारी वाहनों का आवागमन दो साल से रोका गया है। पुल की मरम्मत के लिए दो साल पहले आईआईटी दिल्ली और मुंबई के पुल विशेषज्ञ बुलाए गए थे। करीब चार करोड़ रुपये भी खर्च हुए लेकिन दरार नहीं भर सकी। इसके बाद यहां नया पुल बन रहा है जो तीन साल में पूरा होगा। लोगों ने बताया कि लंबी दूरी की बसें पुल के दूसरी तरफ से चलती हैं। वहां तक जाने के लिए ई-रिक्शा और टैंपो ही सहारा हैं और वे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमानी किराया मांगते हैं। संवाद