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Deoria News: प्रशिक्षक मिलने के बावजूद क्रिकेट और वॉलीबाल का वार्षिक प्रशिक्षण हो रहा प्रभावित

Sat, 20 Apr 2024 03:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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छात्रावास के खिलाड़ियों को ही दे रहे प्रशिक्षण, अन्य हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। खेल निदेशालय ने स्पोर्ट्स स्टेडियम में आठ खेलों का वार्षिक प्रशिक्षण इस सत्र में दिया है। इसमें क्रिकेट व वॉलीबाल के प्रशिक्षण भी शामिल हैं। हालांकि, दोनों प्रशिक्षकों की ड्यूटी छात्रावास में होने के चलते सुबह-शाम जो खिलाड़ी स्वास्थ्य लाभ के नाम पर पंजीकरण करा कर अभ्यास करने आते हैं, उन्हें नियमित अभ्यास का मौका नहीं मिल रहा है।
वर्ष 2024-25 के लिए खेल निदेशालय ने रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में आठ खेलों के प्रशिक्षण शिविर के संचालन की अनुमति दी है। इसमें एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, हॉकी, क्रिकेट, खो-खो, फुटबाल, वाॅलीबाल, हैंडबाल शामिल हैं। इसमें क्रिकेट व वाॅलीबाल के प्रशिक्षक की तैनाती परिसर में स्थित प्रदेश स्तरीय क्रिकेट व वाॅलीबाल छात्रावास के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए है। हालांकि, इनकी तैनाती भी अन्य खेलों के प्रशिक्षकों की भांति आउटसोर्सिंग के जरिए ही हुई है।
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उधर, स्टेडियम में खेल सीखने के नाम पर आने वाले खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा संख्या क्रिकेट की है। पिछले सत्र में इस खेल में 100 से अधिक ने पंजीकरण कराया था। इस बार भी स्वास्थ्य लाभ के नाम पर खिलाड़ी सबसे अधिक क्रिकेट और वाॅलीबाल में पंजीकरण करा रहे हैं। हालांकि, विभाग की ओर से पंजीकरण के दौरान ही बता दिया जाता है कि यहां नियमित प्रशिक्षक नहीं हैं। बावजूद इसके क्रिकेट में पंजीकरण कराने वाले खिलाड़ियों की संख्या सर्वाधिक है।
ऐसे में प्रशिक्षण की समुचित सुविधा न होने से खिलाड़ियों के हाथ निराशा लग रही है। पूर्व में यहां प्रशिक्षक रह चुके पवन कुमार ने शुक्रवार को बताया कि क्रिकेट में बिना प्रशिक्षक के बिना कोई खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ सकता है। एक कुशल प्रशिक्षक ही खिलाड़ी के हर प्लस व माइनस प्वाइंट पर निगाह रखते हुए उसे बेहतर बनाने का कार्य करता है।


स्पीकअप

नियमित प्रशिक्षक नहीं होने से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। इस साल उम्मीद थी कि वाॅलीबाल के प्रशिक्षक मिलेंगे। जो मिले हैं वह केवल छात्रावास के खिलाड़ियों को ही प्रशिक्षण दे रहे हैं।

-अशिंका यादव, वाॅलीबाल खिलाड़ी

वार्षिक खेल प्रशिक्षण शिविर के लिए क्रिकेट के प्रशिक्षक मिले हैं। लेकिन वह विभागीय अफसरों के निर्देश पर केवल छात्रावास के खिलाड़ियों को ही प्रशिक्षण दे रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों का नुकसान हो रहा है।
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-शिवम शुक्ला, क्रिकेट खिलाड़ी

कोट
छात्रावास में अवकाश के बाद क्रिकेट व वाॅलीबाल के प्रशिक्षक मई व जून माह में स्वास्थ्य लाभ के नाम पर पंजीकरण कराने वाले खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे। खेल निदेशालय की ओर से छात्रावास के लिए विभागीय प्रशिक्षकों की तलाश की जा रही है। उम्मीद है कि कोई नया आ जाएगा।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
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