वाहन खड़े होने से एंबुलेंस, स्ट्रेचर व आने-जाने में होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज परिसर में वाहन पार्किंग का इंतजाम न होने से आने वालों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। सड़क पर आड़े-तिरछे वाहन खड़ा करने से एंबुलेंस के गुजरने तथा स्ट्रेचर के मरीज व आने-जाने वालों दिक्कत होती है। वहीं, डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों व मरीजों, तीमारदारों को वाहन खड़ा करने में परेशानी होती है। इस समस्या पर जिम्मेदार आने वाले दिनों में समाधान की बात कह रहे हैं।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के सीमावर्ती गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में एक मरीज के साथ कई लोग आते हैं। इससे अस्पताल में भीड़ बढ़ जाती है।
परिसर में अब तक पार्किंग की व्यवस्था न होने से इमरजेंसी के बगल में खाली स्थान पर लोग दोपहिया वाहन खड़ा करते हैं। यह जगह भी कम पड़ जा रही है। वहीं, अस्पताल भवन गेट दो तरफ तथा नए ओपीडी भवन तक दोपहिया खड़ा कर मरीज को लेकर अस्पताल में चले जाते हैं। जबकि पार्क की चहारदीवारी के चारों तरफ दोपहिया व चारपहिया वाहन खड़े रहते हैं। इतना ही नहीं, पूरब तरफ टीबी क्लीनिक, ब्लड बैंक और नर्सेज हाॅस्टल तक सड़क किनारे वाहन खड़े रहते हैं।
सड़क पर वाहन खड़े होने से चारपहिया के गुजरने में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। वहीं, एंबुलेंस फंस जाती है तो स्ट्रेचर पर मरीज को ले जाने में पसीना छूट जाता है। इस समस्या से चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी जूझना पड़ता है।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में वाहन से मरीजों को लेकर पहुंचने में परेशानी होती है। गाड़ी खड़ा करने के लिए जगह तलाशनी पड़ती है। मरीज को दिखाकर लौटने पर दोपहिया व चारपहिया निकालने में मशक्कत करनी पड़ती है।
-शमशाद अंसारी रोड
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- अस्पताल आने पर इधर-उधर दोपहिया तथा चारपहिया खड़े कर लोग मरीजों को लेकर इलाज कराने चल जाते हैं। स्ट्रेचर और व्हील से मरीजों को नए भवन में ले जाने और बाहर वाहन तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। यहां पार्किंग की व्यवस्था जरूरी है।
-रीतेश कुशवाहा, उमानगर
कोट
वाहन पार्किंग का लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन गंभीर है। आगे समस्या का निराकरण हो जाए। इसके लिए प्लानिंग की जा रही है। लोगों से अस्पताल परिसर में गाड़ियों को ठीक से खड़ा करना चाहिए। इससे अन्य किसी वाहन चालक तथा मरीज व तीमारदार को परेशानी न हो। यह सभी से अपील है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस