गैस पाइपलाइन में फंसा मुआवजे का पेच
किसानों ने भूमि देने से हाथ किया खड़ा, महज दो किमी का काम बाकी
मार्च तक काम हो जाना था पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गुजरात के कांगड़ा से गोरखपुर जनपद होकर बैतालपुर तक एलपीजी (लिक्विड फाइड पेट्रोलियम गैस) पाइपलाइन के प्रोजक्ट में दो गांवों के किसानों ने मुआवजे की राशि कम होने की शिकायत जिलाधिकारी से की है। यह वजह बताते हुए इन किसानों ने भूमि देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इसी माह पाइपलाइन का काम पूरा किया जाना है। महज दो किमी पाइपलाइन अभी बिछाई जानी है।
बैतालपुर तक एलपीजी पाइपलाइन का काम जनपद की सीमा में ग्यारह किलोमीटर तक होना है।इजसे मार्च 2022 में ही पूरा हो जाना था, लेकिन काम में देरी हो गई। जून के बाद अक्तूबर तक खेतों में पानी लग जाने के कारण काम रोक दिया गया।
अब जब काम शुरू हुआ है तो सोपरी बुजुर्ग और बढ़या गांव के दस किसानों ने भूमि का मुआवजा कम मिलने की शिकायत की है। इन किसानों ने अपने गांव में पाइपलाइन बिछाने के कार्य में अवरोध पैदा कर दिया है। इसके कारण काम रोक दिया गया है।
पाइपलाइन इंदूपूर, कालावन, लबकनी, उसरी बुर्जुग, मदैना गांव तक बिछाई जा चुकी है। जबकि सांडा गांव में कार्य चल रहा है। परियोजना में देर होने के कारण इसे 31 जनवरी तक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। अब कार्यदायी संस्था इन किसानों को मनाने में जुटी हुई है। ताकि आगे का कार्य शुरू किया जा सके।
कोट:
दो गांवों के किसान अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इनसे वार्ता चल रही है। कुछ ही दिनों में बैठक कर समस्या का निदान कर दिया जाएगा। महज दो किमी पाइपलाइन बिछाई जानी है। प्रयास है कि इसी माह कार्य पूरा कर लिया जाए।
-दिव्यांशु राय, परियोजना प्रबंधक