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Deoria News: लचर सिस्टम में सेंध लगाकर मरीजों को भेज रहे बाहर

Sat, 24 Feb 2024 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मेडिकल कॉलेज के पॅथालॉजी विभाग में जांच के लिए लगी मरीज व तिमारदारो की लगी भीड।संवाद
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मेडिकल कॉलेज में दलालों पर नहीं लग पा रहा अंकुश, कर रहे मनमानी
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मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में लचर व्यवस्था के कारण दलाल सेंधमारी करके मरीजों को बाहर भेज रहे हैं।इलाज और जांच कराने के लिए लंबी लाइन लग रही है। रजिस्ट्रेशन कांउटर, ओपीडी, जांच केंद्र से लेकर भीड़ लग रही है। इसी का फायदा उठाते हुए मरीज माफिया अपना धंधा चमका रहे हैं।
असुविधा के बीच गुमराह कर और बेहतर सुविधा का दावा कर निजी अस्पतालों में भेजकर मरीजों के सौदा का खेल चल रहा है, जहां उनका शोषण किया जा रहा है। दलालों की अच्छी-खासी कमाई हो जा रही है।
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में दलाल फिर सक्रिय हो गए हैं। अस्पताल प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद ओपीडी सहित अन्य जगहों पर मौजूद रहते हैं। दलालों से सावधान रहने के पोस्टर के बाद भी लोग इनके झांसे में आ जा रहे हैं।
शुक्रवार को दोपहर करीब 12:14 बजे मेडिसिन विभाग में मरीजों की लंबी कतार थी। लोग दो घंटे से अधिक समय से खड़े थे। यहां दो युवक घूम रहे थे। मरीजों से कानाफूसी कर निजी अस्पताल में आसानी से इलाज की बात कह रहे थे। इसी बीच देर से परेशान भाटपाररानी क्षेत्र का एक मरीज उनके बहकावे में आ गया। उसे न्यू काॅलोनी स्थित एक नर्सिंग होम का पता बताकर भेज दिए। इसी तरह 12:35 बजे सर्जरी विभाग के पास भीड़ में एक युवक मौजूद था। वह भी मरीजों को गुमराह करने का काम कर रहा था।
उधर, एमसीएच स्थित महिला अस्पताल के ओपीडी में 1:05 बजे मरीजों की भीड़ के बीच हरी और आसमानी साड़ी पहनीं दो महिलाएं देर से सक्रिय थीं। डॉक्टर को दिखाने के लिए रामपुर कारखाना क्षेत्र से आई एक महिला को दोनों ने अपनी बातों में फंसा लिया और उसे गुमराह कर एक ई-रिक्शा से निजी अस्पताल लेकर चली गईं। इसके ठीक 15 मिनट बाद लाल-पीले रंग की साड़ी पहनी एक महिला गेट के पास खड़ी थी। एक मरीज के पहुंचने पर तीमारदारों को अपने जाल में फंसा ली और अच्छी सुविधा दिलाने की बात कहकर निजी अस्पताल लेकर चली गई। अस्पताल प्रशासन की सुस्ती और व्यवस्था को धता बताकर दलाल मनमानी कर रहे हैं। इससे मरीजों का शोषण हो रहा है।
कोट
बच्चे का इलाज कराने आया था। पर्ची लेने में काफी परेशानी हो रही है। तीन घंटे कतार में इंतजार करना पड़ रहा है। 11 बजे से खड़े-खड़े पैर मे दर्द हो गया। जबकि पेट दर्द से बच्चा परेशान था। इससे अच्छा था कि निजी डॉक्टर से दिखा लेते तो समय की बचत हो जाती, जिससे जरूरी काम कर लेता।
-हरिहर निगम, बरहज

25 किमी दूरी तय कर ऑर्थो विभाग में आया कि इलाज आसानी से हो जाएगी और दवा भी मिल जाएगी। पर डेढ़ घंटे इंतजार के बाद जरूरी दवा बाहर से लेनी पड़ी है। बस कुछ कामन दवा ही अस्पताल से मिल पा रही है। व्यवस्था ठीक न होने से दिक्कत हो रही है।
-दिवाकर गुप्ता, नरसिंह डांड़

शरीर पर चकत्ता पड़ रहा है। चर्म रोग का इलाज कराने आया, लेकिन यहां संबंधित बीमारी की दवा उपलब्ध नहीं है। उसे बाहर से खरीदनी पड़ रही है। दवा महंगी होने के कारण उसे लेने पर आर्थिक बोझ पड़ा। अब किराए के लिए सोचना पड़ रहा है।
-कपिलदेव, रुद्रपुर

परिवार के एक सदस्य का पैर टूट हो गया है। मरीज को निजी साधन से लेकर पहुंचा, लेकिन अस्पताल में व्हीलचेयर के लिए परेशानी हुई। एक घंटे तक भटकना पड़ा। काफी प्रयास के बाद मिला तब जाकर किसी तरह डॉक्टर को दिखाया। ब्लड जांच की रिपोर्ट के लिए दूसरे दिन आना पड़ेगा, तब पूरा इलाज हो पाएगा। -अविनाश चौहान, लार

पैथाेलाॅजी जांच के लिए काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। जांच के लिए तीन दिन से परेशान हूं। एक दिन कतार में डेढ़ घंटे खड़े होने के बाद अगले दिन खाली पेट आने की बात कहकर लौटा दिया गया। दूसरे दिन रिपोर्ट मिली। शुक्रवार को फिर जांच करानी पड़ी। यहां गंदगी भी फैली है। जो है बैठने के लायक नहीं है।
-अंगद कुमार पासवान, जगदीशपुर

एक दिन में पैथाेलाॅजी जांच नहीं हो पा रही है। तीन दिन से परेशान हूं। बुधवार को सर्वर फेल था, बृहस्पतिवार को भीड़ इतनी थी कि दोपहर बाद तक नंबर नहीं आने से लौट गया। शुक्रवार को तीसरे दिन लाइन में इंतजार कर रहा हूं। घर से आने और जाने में एक दिन में 150 रुपये खर्च हो जा रहे हैं।
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-सौरभ, सतराव

अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। सभी मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। दलालाें पर अंकुश लगाने के लिए जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं। मरीजों व तीमारदारों को जागरूक भी किया जाता है। वे किसी के बहकावे में न आएं। कोई समस्या होने पर सूचना दें। दलालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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