लोकसभा चुनाव के लिए शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया के पहले ही दिन सिविल लाइंस सहित अन्य प्रमुख जगहों पर दिखा जाम
कार्यालय आने के समय और स्कूलों की छुट्टी होने के बाद हुई सबसे ज्यादा दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सिविल लाइंस रोड पर मंगलवार को यातायात व्यवस्था बेपटरी पर दिखी। लोकसभा चुनाव के लिए जगह-जगह की गई बैरिकेडिंग से परेशानी उठानी पड़ी। रिक्शा व टेंपो के रुद्रपुर मोड़ पर ही रोक दिए जाने से लोगों को पैदल ही जाना पड़ा। रोडवेज बसों को सोनूघाट से ही महुआनी रोड पर मोड़ दिए जाने से जिला मुख्यालय आने वाले लोग समय से दफ्तर, कचहरी मेडिकल कॉलेज, रेलवे स्टेशन सहित अन्य जगहों पर नहीं पहुंच पाए।
नामांकन का पहला दिन होने के चलते जिला प्रशासन की ओर से रूट डायवर्ट किए जाने का व्यापक असर देखने को मिला। शहर में प्रवेश करने के हर द्वार पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। सलेमपुर से आने वाले बड़े वाहनों, रोडवेज बसों को सोनूघाट तक ही आने दिया गया। यहां से रोडवेज की बसें महुआनी रोड से होते हुए तिलई बेलवा, खरजरवा, साकेतनगर, मेडिकल कॉलेज रोड होकर डिपो तक पहुंची। सोनूघाट-महुआनी मार्ग का संपर्क मार्ग जो तिलई बेलवा के रास्ते शहर में आता है, यह एक लेन और ऊबड़-खाबड़ है।
उधर, सोनूघाट से दोपहिया वाहन चालकों को रुद्रपुर मोड़ से होते हुए पुलिस लाइंस के सामने ही मोड़ दिया गया। इसके बाद स्पोर्ट्स स्टेडियम, एसपी आवास होते हुए वाहन को जाने दिया गया। इससे स्कूलों की छुट्टी होने पर कई बार सिविल लाइंस मार्ग पर जाम की स्थिति बनी। साथ ही जो वैकल्पिक मार्ग प्रशासन ने डायवर्जन में निश्चित किए थे, उन पर भी वाहनों की अधिक संख्या होने से कई बार लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।
सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक रही समस्या
मंगलवार की सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक सिविल लाइंस मार्ग, पुलिस लाइंस से लेकर कचहरी चौराहे तक छावनी में तब्दील दिखा। हर 100 मीटर पर पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई थी। शहर में प्रवेश करने, रोडवेज या कलक्ट्रेट जाने के लिए कुछ दोपहिया वाहन चालकों की पुलिस वालों से बहस भी हुई। लेकिन सख्ती के चलते वे प्रवेश नहीं कर पाए।
गोरखपुर जाने वाली बसों को रोडवेज के अंदर से भरनी पड़ी सवारी
कलक्ट्रेट के पहले प्रवेश द्वार से ही नामांकन प्रक्रिया के लिए अंदर जाने के लिए तोरणद्वार बनाया गया था। रोडवेज परिसर का गोरखपुर जाने वाला प्रवेश गेट और कलक्ट्रेट का प्रथम प्रवेश द्वार आपस में सटा हुआ है। ऐसे में गोरखपुर प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर दिए जाने से बसें अंदर ही रहीं। वहीं से सवारी भरकर सलेमपुर जाने वाले गेट से निकलीं और जिला अस्पताल रोड से महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के पीछे वाले रास्ते से होकर पुन: पोस्टमार्टम चौराहा होकर कचहरी रोड से होते हुए गईं। इस प्रक्रिया में अधिक समय लगने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में देर हुई।
स्पीकअप
प्रशासन को रूट डायवर्जन की सूचना पहले देनी चाहिए थी। एकाएक किए जाने से सभी लोगों को दिक्कत हुई। वाहन चालक परेशान हुए सो अलग। कचहरी जाना था और कई मार्ग से घूमकर आना पड़ा।
-अजय नांगलिया, मंत्री, जनपद व्यापार मंडल
न्यायालय गए थे, चारपहिया वाहन जिला अस्पताल गेट के सामने खड़ा करना पड़ा। सोनूघाट से ही वाहनों को मोड़ दिया जा रहा था। ऐसे में लोगों को शहर में प्रवेश करने में कई जगह रोका गया। जो लोग जरूरी कार्य करने जिला मुख्यालय आए थे। उन्हें परेशान होना पड़ा।
-प्रदीप मौर्या, बनकटा
रुद्रपुर मोड़ से ही कई जगह पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग किए जाने से लोगों को परेशान होना पड़ा। फोरलेन की सड़क होने के बावजूद हर जगह रोके जाने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। सिविल लाइंस में ई-रिक्शा व टेंपो न चलने से पैदल जाना पड़ा।
-आकाश कुमार, देवरिया मीर
कलक्ट्रेट में जाकर मृत्यु प्रमाणपत्र लेना था। दो दिन पूर्व भी आए थे, लेकिन मंगलवार को जाने नहीं दिया जा रहा था। दोपहिया कहां खड़ा करें, यह भी सोचना पड़ रहा था। रूट डायवर्ट किए जाने से सिविल लाइंस रोड पर यात्रा परेशानी का सामना करना पड़ा। -
आनंद कुशवाहा, बंजरिया
कोट
लोकसभा चुनाव के नामांकन के मद्देनजर सिविल लाइंस रोड पर रूट डायवर्ट किया गया था। शहर में आने वाले बड़े वाहनों को शहर में प्रवेश करने के लिए पुरवां और सोनूघाट से मोड़ दिया गया। यह स्थिति 17 मई तक रहेगी। छोटे वाहनों को पुलिस लाइंस से स्टेडियम, एसपी आवास के सामने से जाने दिया गया।
-भूपेंद्र सिंह, टीएसआई