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बरहज रेलवे स्टेशन परिसर में फंदे से लटका मिला प्राइवेट शिक्षक का शव

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बरहज रेलवे स्टेशन परिसर में फंदे से लटका मिला प्राइवेट शिक्षक का शव
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बरहज (देवरिया)। स्थानीय रेलवे स्टेशन परिसर में अमांव गांव निवासी प्राइवेट शिक्षक अश्वनी प्रसाद (38) पुत्र स्व. सुखराम का शव फंदे से लटका मिला। परिजन अश्वनी की हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगा रहे थे। सूचना पर पुलिस और जीआरपी भी पहुंच गई। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शनिवार सुबह स्टेशन परिसर में सरिया में बंधी रस्सी के सहारे अश्वनी का शव लटका मिला। पास में उसकी बाइक भी खड़ी थी। चप्पल किनारे पड़ा हुआ था। स्टेशन की ओर गए कुछ लोगों ने शव देख शोर मचाया। जानकारी होने पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर इंस्पेक्टर अनिल पांडेय, हलका चौकी इंचार्ज आशुतोष कुमार, रेलवे पुलिस इंस्पेक्टर प्रियांशु प्रिय और जीआरपी एसओ मुश्ताक अहमद पहुंच गए। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर शिनाख्त करवाई।
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व्यक्ति की पहचान अमांव गांव निवासी अश्वनी के रुप में हुई। अश्वनी की मौत की जानकारी होने पर पत्नी सावित्री देवी और गांव के लोग भी पहुंच गए। परिवार के लोग बता रहे थे कि अश्वनी पिछले करीब 10 सालों से पत्नी और बच्चे के साथ बरहज में किराये के मकान में रहता था। पति-पत्नी ट्यूशन पढ़ा कर जीविका चलाते थे। भाई अमला प्रसाद ने अश्वनी की हत्या का आशंका जता रहे थे। जीआरपी एसओ मुश्ताक अहमद ने बताया कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर मामला स्पष्ट हो सकेगा।
10 साल पूर्व एक जनप्रतिनिधि से संपर्क में आने के बाद बरहज में आकर रहने लगे
अमांव गांव निवासी अश्वनी 10 साल पहले एक जनप्रतिनिधि के संपर्क में आने के बाद से नगर में आकर रहने लगे। वह जनप्रतिनिधि के वहां काम करने के बाद ट्यूशन पढ़ाकर जीविका चलाते थे। उनकी पत्नी भी ट्यूशन पढ़ाती थीं। शुक्रवार शाम पत्नी सावित्री से अश्वनी ने कहा कि किसी ने फोन कर बुलाया है, अभी आता हूं।
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अश्वनी की शादी भटनी के साहूपार गांव में हुई थी। लोग बता रहे हैं कि एक कद्दावर जनप्रतिनिधि के संपर्क में आने के बाद से वह गांव छोड़कर पत्नी के साथ बरहज में ही आकर रहने लगे थे। जनप्रतिनिधि की मौत और बेरोजगारी के कारण वह ट्यूशन पढ़ाकर जीविका चला रहे थे। अश्वनी का चार वर्ष का बेटा आयुष है। परिजनों की मानें तो शुक्रवार को उसके फोन पर किसी ने पैसा देने की बात कहकर बुलाया था। रात नौ बजे पत्नी से उसकी आखिरी बात हुई थी। जिसमें सोनूघाट से आ रहे व्यक्ति से पैसा लेने की बात कह रहा था। नौ बजे के बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। अश्वनी का फंदे से झूलता शव और मौत के दौरान पास खड़ी गाड़ी के डिस्बैंलेस न होने से उसके मौत को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा थी।
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