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Deoria News: फाल्ट ठीक करते समय करंट से प्राइवेट लाइनमैन की मौत

Tue, 07 Nov 2023 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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घटना स्थल पर पहुंच जांच करते सीओ और एसडीओफोटो- संवाद
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पचलड़ी पॉवर हाउस पर हुई घटना, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
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घटना के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं जेई और एसडीओ
परिजनों का आरोप : पुलिस ने जबरन शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी

एकौना (देवरिया)। जिले में एक के बाद एक प्राइवेट लाइनमैन की काम के दौरान करंट लगने से मौत पर बिजली निगम सवालों क घेरे में है। रविवार के बाद सोमवार को फिर पचलड़ी बिजली उपकेंद्र के सामने तार जोड़ते समय करंट से प्राइवेट लाइनमैन की मौत हाे गई। इसकी खबर मिलते ही लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसमें एसएसओ की लापरवाही बताई जा रही है। हालांकि इस मामले में जेई और एसडीओ कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं।
एकौना थाना के डढिया गांव निवासी नेबूलाल के चार बेटों में बड़ा बेटा राजू प्रसाद (27) बिजली निगम में संविदा पर लाइनमैन था। उनकी ड्यूटी पचलड़ी बिजली उपकेंद्र पर थी। सुबह करीब 10 बजे बजे बिजली उपकेंद्र के सामने हाईटेंशन लाइन में आए फाल्ट को ठीक करते समय करंट से उसकी मौत हो गई। चर्चा है कि बिजली उपकेंद्र से अचानक आपूर्ति चालू हो गई और लाइनमैन पोल पर झुलस कर जमीन पर गिर गया। घटना की खबर पर विभाग के जेई अनिल कुमार और एसडीओ चंदन जायसवाल मौके पर पहुंचे।
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बिजली निगम के जेई और एसडीओ का दावा है कि बिना शटडाउन लिए लाइनमैन पोल पर चढ़कर फाल्ट ठीक कर रहा था। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। एसडीओ ने कहा कि घटना के बारे में अभी पता किया जा रहा है। बिजली आपूर्ति कैसे चालू हो गई। इसकी जांच कराई जा रही है।
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परिजनों ने लगाया जबरन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का आरोप


घटनास्थल पर पहुंचे अन्य लाइनमैन और राजू के परिजनों ने विभाग के अधिकारियों और पुलिस पर जबरन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का आरोप लगाया। लाइनमैन राजू कुमार, दुर्गेश, दिनेश, चंद्रमा आदि ने कहा कि राजू के परिजन मौके पर पहुंचे भी नहीं थे कि जिम्मेदारों ने शव को देवरिया भेज दिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति मानवता नहीं दिखाई। घटना स्थल पर मृतक की पत्नी इसरावती, मां लीलावती सहित तीन नाबालिग बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां लीलावती ने कहा कि घटना की सूचना पर वह बदहवास की स्थिति में पॉवर हाउस पर पहुंची, लेकिन उन्हें उनके बेटे का शव तक देखने को नहीं मिला।
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