फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: सीआईबी ने 31 टिकट के साथ जनसेवा केंद्र के संचालक को दबोचा

विज्ञापन
विज्ञापन
- रेलवे स्टेशन के पास केंद्र संचालक अधिक रकम लेकर बनाता था टिकट
विज्ञापन

- सीआईबी, आरपीएफ व साइबर सेल टीम ने की छापेमारी, 47 हजार का बताया जा रहा टिकट
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। क्राइम इंफार्मेशन ब्यूरो (सीआईबी) इंस्पेक्टर के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सोमवार को नगर के स्टेशन रोड स्थित एक जनसेवा केंद्र पर छापा मारा। इसके संचालक के पास से रेलवे के 31 टिकट बरामद किए। जिसकी कीमत करीब 47 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर भटनी रेलवे स्टेशन ले गई। जहां से आरपीएफ ने उसे जेल भेज दिया।
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट के लिए टोकन की व्यवस्था की गई है। टोकन सुबह 8:30 बजे से 9:30 बजे तक लगाया जाता है। इसके चलते आरक्षण केंद्र से दलालों को टिकट नहीं मिल पा रहा है। जो यात्री लाइन में खड़ा होकर टोकन ले रहा है, टिकट बाबू उसे ही टिकट दे रहा है। इसको लेकर जनसेवा केंद्र के संचालक विभिन्न शहरों के तत्काल टिकट धड़ल्ले से निकाल रहे हैं और दलाल उन्हीं के संपर्क में आकर टिकट बनवा रहे हैं।
विज्ञापन

मुखबिर की सूचना पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सीआईबी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, एसआई अबू फरहान, आरपीएफ एसआई योगेंद्र पांडेय, साइबर सेल एसआई चंद्रसेन सिंह नगर के स्टेशन रोड स्थित उत्कर्ष जनसेवा केंद्र पर पहुंचे। संयुक्त टीम ने केंद्र की जांच शुरू की। जहां संचालक को रेल आरक्षित ई- टिकटों के अवैध धंंधे में संलिप्त पाया गया। उसके पास से एक लैपटाप, प्रिंटर, कीबोर्ड, माउस के साथ देश के विभिन्न प्रदेशों के 31 टिकट बरामद किए।
विज्ञापन

पूछताछ में संचालक ने अपना पता कोतवाली थाना क्षेत्र के नदावर गांव निवासी दुर्गेश शाह पुत्र रविंद्र शाह बताया। उसने बताया कि पर्सनल यूजर आईडी से ई- टिकट बनाकर जरूरतमंद यात्रियों से किराए के अतिरिक्त 500 से 1000 रुपया प्रति टिकट लेकर बेचता है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी ने धारा 143 रेल अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें