प्रमुख सचिव वन बोल रहा हूं, प्रधानों से बोलिए बात करें
भागलपुर / मईल (देवरिया)। विकास विभाग के अधिकारियों की नादानी के चलते भागलपुर विकास खंड के 20 से अधिक ग्राम प्रधान धोखाधड़ी का शिकार होने से बच गए। डीआरडीए के पीडी और खंड विकास अधिकारी पर विश्वास कर ग्राम प्रधानों ने जब फोन किया तो उसने अपने को प्रमुख सचिव वन बताते हुए पैसे मांगे। कहां कि एक गरीब लड़की की शादी करानी है। आप लोग राजेश राम के खाते में पैसा डाल दें। उसने गांव के लिए चार आवास देने का प्रलोभन दिया। उधर, डीएम अमित किशोर का कहना है कि मामले में जांच बैठा दी गई है। आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को दोपहर में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि कमिश्नर गोरखपुर के यहां से बोल रहा हूं। बीडीओ भागलपुर से कहिए कि लखनऊ से सचिव आएं हैं, उनसे बात करें। पीडी ने बिना किसी जांच पड़ताल के खंड विकास अधिकारी भागलपुर मीना सिंह को फोन कर दिया। उन्होंने कहा कि उक्त नंबर पर सभी प्रधानों से बोलिए बात करें।
खंड विकास अधिकारी ने बिना उच्चाधिकारियों को संज्ञान में मामला लाए बगैर अपने लिपिक को लगा दिया। लिपिक ने ग्राम प्रधानों से कहा कि आप लोग सीधे प्रमुख सचिव वन से बात करें। ग्राम प्रधान गोड़वली, पिपरा बांध सहित कई ग्राम प्रधानों ने कथित सचिव को फोन नंबर 9651109900 पर फोन किया। सभी से बताया कि लखनऊ से सचिव बोल रहा हूं। एक गरीब की लड़की की शादी मंगलवार को है। पहले तो उसने पूछा कि आप लोग कितना कर सकते हो तो किसी ने 1100 कहा तो कहा कि हम समझे की आप प्रधान है दस से 15 हजार देना चाहिए। प्रधान ने कहा कि आप कह रहे हैं तो पांच हजार रुपये दे दूंगा तो उसने राजेश राम के खाता नंबर 35898266334 में रुपये भेजने को कहा। साथ ही गांव के लिए चार आवास देने की बात कहीं। इस पर कई प्रधान को शक हुआ तो उन्होंने डीएम और सीडीओ से बात की। अधिकारियों ने मना किया तो 20 से अधिक ग्राम प्रधान ठगी का शिकार होने से बच गए।
भागलपुर के बीडीओ मीना सिंह का कहना है कि पीडी साहब का फोन आया। वही सचिव का फोन नंबर दिए और प्रधानों से बात कराने की बात बोले। उधर पीडी डीआरडीए का कहना है कि उनके पास फोन करने वाले ने कहा कि कमिश्नर के यहां से बोल रहा हूं। यहां एक सचिव आएं है। उनका नंबर यह है। भागलपुर के प्रधानों से बोलिए उनके नंबर पर बात करें।
पूरे मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई है। फोन करने वाले का विवरण निकाल लिया गया है। इस मामले में केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
अमित किशोर, डीएम