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केस वापस नहीं हुए तो करेंगे आंदोलन

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केस वापस नहीं हुए तो करेंगे आंदोलन
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नामांकन के दौरान हुई घटना से नाराज सपा नेताओं ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान सभी जनपदों में भाजपा की करारी हार हुई है। इससे भाजपा को प्रदेश में सरकार के जाने का खतरा सता रहा है। इसको देखते हुए सरकार के इशारे पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमे फंसाया जा रहा है। कलेक्ट्रेट में विधायक, पूर्व विधायक और सपा नेताओं को साजिश के तहत रोका गया था और भाजपा नेताओं को अंदर जाने की खुली छूट दी गई थी। ये बातें रविवार को सपा जिलाध्यक्ष डा.दिलीप यादव ने पार्टी ने पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहीं।
उन्होंने कहा कि नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर प्रशासन ने भाजपा नेताओं के इशारे पर हम सभी के साथ दुर्व्यवहार किया है। प्रत्याशी के साथ जाने से रोका गया लेकिन भाजपा प्रत्याशी और नेताओं को खुली छूट दे दी गई। विधायक आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि काफी कम संख्या में सपा कार्यकर्ता नामांकन के दिन आए थे। हमें लक्ष्य बना कर पुलिस के आला अफसरों ने गलत व्यवहार किया। अगर सपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा समाप्त नहीं किया गया तो तीन जुलाई के बाद सपा के नेता सड़क पर उतरेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। एमएलसी रामसुंदर दास निषाद ने कहा कि पंचायत चुनाव में भाजपा का जनाजा निकल चुका है। प्रदेश में निर्विरोध निर्वाचन की जांच आयोग को करनी चाहिए। सरकार की नीयत थी कि सपा का प्रत्याशी नामांकन न कर सके। पूर्व विधायक गजाला लारी ने कहा कि नामांकन के दिन के एक पुलिस अधिकारी ने मेरे ऊपर लाठी चलाई लेकिन संयोग रहा कि कार्यकर्ता ने रोक लिया। भटनी में सपा नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। सरकार जनहित के मुद्दे पर फेल हो चुकी है। भटनी एसओ को तत्काल हटाया जाए। गोरखपुर सहित कई जिलों में सपा के प्रत्याशियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है। संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
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फोटो-
कड़ी सुरक्षा के बीच गिरफ्तार नेता को जेल ले गई पुलिस
देवरिया। नामांकन के दौरान हुई घटना के बाद सपा नेताओं के आक्रोश को देखते हुए रविवार को शहर और विभिन्न जगहों पर पुलिस काफी मुस्तैद रही। जबकि दूसरी तरफ कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार सपा नेता अभिजित यादव को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय में पेश किया। इस दौरान पुलिस कचहरी मार्ग पर किसी आने-जाने नहीं दे रही थी।
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पार्टी कार्यालय पर स्थानीय खुफिया विभाग नेताओं की गतिविधियों पर नजर गड़ाए हुआ था। कचहरी चौराहे पर गौरी बाजार और भलुअनी के एसओ की ड्यूटी लगाई गई थी। कोतवाल राजू सिंह ने गिरफ्तार सपा नेता को तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय में पेश किया। जहां पर रिमांड मजिस्ट्रेट ने अभिजित यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कचहरी से तीन थानों के प्रभारी आरोपित को लेकर जेल पहुंचे। जबकि शहर की विभिन्न जगहों और कस्बों में सपा कार्यकर्ताओं के आंदोलन के भय से पुलिस के जवान चौक चौराहों पर मुस्तैद रहे।
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