- जिले में हैं 13 विद्यालय, शिक्षकों के न होने से पढ़ाई होती है प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद के 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में खाली पड़े शिक्षण व शिक्षणेत्तर पदों को भरने की तैैयारियां चल रही हैं। निकाय चुनाव को देखते हुए इसके लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। वर्तमान में 13 कस्तूरबा विद्यालयों में 28 पद रिक्त हैं। उधर केवल महिला कर्मचारी ही रखे जाने के शासन के नए फरमान से पुरुष कर्मचारी जो पहले से तैनात हैं, वह अब न्यायालय से राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जनपद के कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। नगर निकाय चुनाव के बाद इसे भरने की तैयारी हो रही है। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से भी इसके लिए हरी झंडी दे दी गई है। इन विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलाकर यहां कुल 184 पद स्वीकृत हैं, जबकि 156 पदों पर तैनाती है और 28 पद रिक्त हैं।
इन विद्यालयों में वार्डन कम शिक्षिका के नौ, पूर्णकालिक शिक्षिका के सात, अंशकालीन शिक्षिका के छह पद खाली हैं। वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में सहायक रसोइया के चार, चौकीदार के पद रिक्त हैं। नए सत्र में शिक्षकों की कमी को दूर करने के प्रयास तेज किए गए हैं।
कस्तूरबा विद्यालयों में वार्डेन व शिक्षकों के 22 पद रिक्त हैं। शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में छह खाली हैं। इन पर तैनाती के लिए राज्य परियोजना की ओर से हरी झंडी दे दी गई है। नगर निकाय चुनाव के समापन के बाद इन पदों के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा। नए शिक्षकों के आने से छात्राओं को पढ़ाई में सहूलियत होगी।
-टीएन पांडेय, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा