बाढ़ खंड विभाग ने नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर बंधों का जाना हाल, कराया मरम्मत
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू और राप्ती नदी में सैलाब उमड़ रहा है। नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जबकि बाढ़ खंड विभाग ने आपदा से निपटने के लिए लगभग सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। बंधों पर मरम्मत कार्य कराने के साथ ही चौकसी बढ़ा दी गई है।
नेपाल ने करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है, जिससे नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सरयू खतरे के निशान 66.50 से करीब डेढ़ मीटर नीचे बह रही है। राप्ती भी उफान पर है। बाढ़ का पानी कपरवार संगम तट से कटइलवा तक बने बंधे से टकरा रही है। विभाग की ओर नदी में विलीन हो चुके कुरह परसियां गांव स्थित रवींद्र यादव के छावनी के पास बंधे से टकरा रही धारा के वेग को कम करने के लिए जियो बैग कटर बनवाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए मिट्टी का स्टॉक, 16000 बोरी, नायलॉन क्रेट, जियो बैग, जियो शीट आदि मंगवा की गई है। जबकि डीएम अखंड प्रताप सिंह के निर्देश पर बंधे पर लगने वाले 1000 पौधों के क्रम में सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने पौधरोपण किया। मौके पर पूर्व प्रधान रवींद्र यादव, मोतीचंद, जयराम गुप्त, राजीव मौर्य, रामनिवास, चंदन आदि मौजूद रहे।
कोट-
नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। आपदा से निपटने के लिए तैयारिंयां पूर्ण करा लिया गई हैं। बंधों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। थोड़ी-बहुत कमियां मिलने पर उसे तुरंत दुरुस्त करा दिया जा रहा है। -अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग