इंसेफेलाइटिस को रोकने की तैयारी शुरू
सीएमओ ने अपर व उप मुख्य चिकित्साधिकारियों को दिए ईटीसी केंद्रों के निरीक्षण के निर्देश
अधिकारी भ्रमण कर कमियों की देंगे जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। एईएस, जेई को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। इसके मद्देनजर तैयारी शुरू दी गई है। अपर व उप मुख्य चिकित्साधिकारी अब इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटरों (ईटीसी) का नियमित भ्रमण तथा निरीक्षण करेंगे। साथ ही वहां की कमियों की जानकारी देंगे, ताकि उसका समय रहते निस्तारण किया जा सके। इसके लिए सीएमओ ने पांच चिकित्साधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
इंसेफेलाइटिस बीमारी का समय करीब जून से जनवरी तक का माना जाता है। इसके इलाज के लिए जनपद में 17 इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटरों (ईटीसी) बनाए गए हैं, जिसमें सोलह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज शामिल है। इन केंद्रों में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। यहां दवा, ऑक्सीजन के अलावा अन्य उपकरण व सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इस बीमारी के मद्देनजर सीएमओ ने अपर व उप मुख्य चिकित्साधिकारी सहित पांच अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में ईटीसी का नियमित निरीक्षण करें। साथ ही कमियों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करें तथा इसकी सूचना इपिडेमियालॉजिस्ट, आईडीएसपी राजीव भूषण पांडेय के माध्यम से उपलब्ध कराएं।
इन्हें सौंपी गई हैं यहां की जिम्मेदारी
देवरिया। जनपद में स्थापित ईटीसी सेंटरों के निरीक्षण के लिए दो अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों, दो उप मुख्य चिकित्साधिकारियों सहित पांच चिकित्साधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें अपर मुख्य चिकित्साधिकारी वेक्टरबार्न डॉ. सुरेंद्र सिंह को तहसील सलेमपुर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भाटपाररानी तथा उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी सिंह को देवरिया सदर, डॉ. संजय चंद को बरहज तथा उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरपी यादव को रुद्रपुर तहसील की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कोट
इंसेफेलाइटिस को लेकर तैयारी की जा रही है। इसके तहत अपर उप मुख्य चिकित्साधिकारी सहित पांच चिकित्साधिकारियों को अलग-अलग तहसील की जिम्मेदारी दी गई है। चिकित्साधिकारी इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटरों (ईटीसी) का नियमित भ्रमण करेंगे और केंद्रों का निरीक्षण कर कमियों के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे और सूचना देंगे।
-डॉ. आलोक कुमार पांडेय, सीएमओ