स्पोर्ट्स स्टेडियम में मार्च माह से निर्माण एजेंसी करा रही मरम्मत कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोटर्स स्टेडियम के तरणताल के मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। इसे लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्पोर्ट्स स्टेडियम स्थित तरणताल की तर्ज पर विकसित किए जाने की तैैयारी हो रही है। वहां जो टाइल्स लगे हैं, उसे यहां भी लगाया जाएगा। इसके लिए वहीं से इसे मंगाया जाएगा। इधर मरम्मत कर रही एजेंसी को इसे जल्द से जल्द बनाकर पूरा करने को विभागीय अधिकारियों की ओर से निर्देश दिया गया है।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में इस सत्र में तैराकी सीखने वालों के निराश होना पड़ रहा है। कारण भीषण गर्मी और उमस के चलते जहां इस समय तरणताल में तैैराकी सीखने वालों के लिए पंजीकरण कराने वालों की भीड़ जमा रहती है, वहीं इस बार दो माह से तरणताल का मरम्मत कार्य उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड यूपी आरएनएसएस निर्माण प्रखंड गोरखपुर की ओर से कराया जा रहा है। छोटे व बड़े दोनों पुलों को व इनमें लगी टाइल्स को उखाड़ दिया गया है। साथ ही इसके चेंज रूम व बाउंड्रीवाॅल की मरम्मत सहित अन्य कार्य हो रहे हैं। खेल निदेशालय की ओर से इसे केडी सिंह बाबू स्पोर्ट्स स्टेडियम लखनऊ के तरणताल की तरह बनाने की तैयारी हो रही है। इसके तहत वहां किनारों पर जो टाइल्स लगाए गए हैं, उन्हें यहां लगाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए बड़े वाले पुल व छोटे वाले पुल के पानी को अलग-अलग फिल्टर करने के लिए व्यवस्था बन रही है। पहले बड़े पुल के फिल्टरेशन प्लांट की मदद से ही दोनों पुलों के पानी को फिल्टर किया जाता था, अब इसे अलग किया जा रहा है।
खिलाड़ी कार्यालय आकर कर रहे पूछताछ
इधर गर्मी बढ़ने के साथ ही तैराकी के खिलाड़ी और शौकिया सीखने आने वाले प्रतिदिन जिला खेल कार्यालय आकर इस शिविर चलने के बारे पूछताछ कर रहे हैं। साथ ही तैराकी के खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए अभ्यास न कर पाने की चिंता भी सता रही है।
नहीं शुरू हुआ होता मरम्मत तो राजस्व में होती वृद्घि
अप्रैल में शुरू हो जाने वाले तैराकी शिविर को मरम्मत के चलते ही अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के जिम्मेदारों का दावा है कि जून माह के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा और दो से तीन माह तक इसे चलाया भी जाएगा।
अभ्यास न कर पाने वालों को सता रही प्रदर्शन खराब होने की चिंता
उधर जिला तैराकी संघ के जिलाध्यक्ष गंगतेश्वर सिंह ने रविवार को बताया कि तरणताल पहली अप्रैल से प्रारंभ हो जाता है। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास में सहूलियत होती है। आने वाले दिनों में तैराकी से जुड़ी कई प्रतियोगिताएं होनी है। अभ्यास नहीं कर पाएंगे तो पदक नहीं जीत पाएंगे। वहीं सचिव देवानंद भारती ने कहा कि जून माह में सीनियर वर्ग की, सब जूनियर, सात से नौ जुलाई तक जूनियर तैराकी स्टेट, 14 से 16 जुलाई तक सब जूनियर व जूनियर सहित अन्य प्रतियोगिताएं प्रस्तावित हैं। इस बार जिले को पदक मिलने की संभावना कम होगी, क्योंकि प्रतिभागी अभ्यास ही नहीं कर रहे।
तरणताल का मरम्मत कार्य इधर निर्माण एजेंसी ने पहले से थोड़ा तेज किया है। सारा कार्य समय से पूरा हो जाता है तो दो से तीन माह तक इसे चलाने की योजना बन रही है।
.....रवि कुमार शर्मा, प्रभारी क्रीड़ाधिकारी