छह अक्तूबर को प्रेमचंद के पिता रामभवन यादव, गोरख यादव और परमहंश यादव को नोटिस जारी कर सात अक्तूबर को पक्ष रखने का आदेश दिया। पहली बार की पैमाइश पर सवाल उठाने के बाद नौ अक्तूबर को 15 सदस्यीय राजस्व टीम ने दूसरी बार पैमाइश की, जिसमें प्रेमचंद के पिता रामभवन यादव,गोरख यादव और परमहंस का मकान खलिहान की जमीन में पाया गया।
यह रिपोर्ट भी रूद्रपुर के तहसीलदार न्यायालय में राजस्व टीम ने प्रस्तुत किया। 11 अक्तूबर को रूद्रपुर के तहसील अरुण कुमार ने जमीन से बेदखली का आदेश दिया। इसके खिलाफ मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 16 अक्तूबर को बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए डीएम को निर्देश दिया कि वे इस मामले की तय सीमा के अंदर सुनाई करें। इसकी सुनाई जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चल रहा है।
बुधवार को इसकी सुनाई जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में हुई। प्रेमचंद यादव के अधिवक्ता रामनगीना यादव और गोपी यादव ने बहस की। जिस पर जिला शासकीय अधिवक्ता रेवेन्यू नवनीत मालवीय ने आराजी से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन विपक्षी के अधिवक्ताओं ने कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। अब अगली तिथि 8 नवंबर को पड़ी, जिस पर सुनवाई होगी।