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प्रसूता की मौत का मामला : ढाई माह बाद भी डॉक्टर की नहीं हुई गिरफ्तारी

Fri, 20 Feb 2026 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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भाटपार रानी। खामपार थाना अंतर्गत भटनी-भिंगारी मार्ग पर ग्राम माधोछापर में चल रहे अवैध अस्पताल में 30 नवंबर 2025 की रात ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया था।
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इसके चार दिन बाद अवैध ढंग से सील तोड़कर पुनः अस्पताल संचालित करने पर चिकित्सक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। ढाई माह बीत जाने के बावजूद चिकित्सक डॉ. एमएन अंसारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
चर्चा है कि आरोपी चिकित्सक भिंगारी स्थित अपने प्राइवेट क्लीनिक पर बैठ रहा है, जबकि पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इसके अलावा बिहार सीमा पर गोपालगंज में भी उसके आधा दर्जन प्राइवेट अस्पताल है। जहां पर वह मरीजों का इलाज करता है। खामपार थाना के ग्राम नारायणपुर तिवारी निवासी शिवनारायण यादव की बेटी रीमा की शादी बिहार के गोपालगंज जनपद अंतर्गत भोरे थाना के ग्राम रामपुर चकरवा निवासी देवेंद्र यादव से हुई थी। पति देवेंद्र यादव खामपार में मकान बनाकर रहते हैं।
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30 नवंबर 2025 को प्रसव के दौरान उनकी पत्नी रीमा की हालत बिगड़ गई। पत्नी का पहले से ही उस अस्पताल में इलाज चल रहा था। वे वहां पत्नी को भर्ती कराए। ऑपरेशन के बाद रीमा की मौत हो गई। परिजनों के हंगामा के बाद चिकित्सक डॉ. एमएन अंसारी के खिलाफ खामपार थाने में एक दिसंबर 2025 को प्राथमिक की दर्ज हुई। भाटपार रानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. एमएम सिद्दीकी ने अस्पताल को सील कर दिया था।
सीओ भाटपार रानी अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए जनपद के चिकित्सकों का एक मेडिकल बोर्ड बैठाया गया है, जो इस घटना की जांच कर रहा है। बोर्ड द्वारा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चिकित्सक की गिरफ्तारी संभव है। तब तक पुलिस कुछ नहीं कर सकती है।
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