शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष बालेश्वरी देवी का कार्यकाल के आखिरी दिनों में पावर सीज कर दिया। लोकायुक्त की जांच के बाद यह फैसला किया गया है। कमिश्नर मामले की अंतिम जांच करेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष पर चुनाव के दौरान शासन की इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल है।
रुद्रपुर के अमवा उर्फ अम्मा निवासी हरेंद्र सिंह त्यागी ने पिछले साल लोकायुक्त से जिला पंचायत की दुकानों और आवासों का गलत तरीके से आवंटन कर करोड़ों रुपये नुकसान पहुुंचाने समेत कई मामलों की शिकायत की थी। लोकायुक्त के आदेश पर शासन ने डीएम से जांच कराई। जांच में कई बड़े खुलासे हुए। डीएम ने शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी। तब पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव चंचल तिवारी ने जिला पंचायत अध्यक्ष बालेश्वरी देवी से जवाब मांगा था। इसके अलावा कई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों और अपर मुख्य अधिकारी भी जांच की जद में आए। हालांकि शासन की तरफ से इस मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया एक साल से लटकी हुई थी। शासन की तरफ से कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता हरेंद्र सिंह त्यागी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। न्यायमूर्ति वाईडी चंद्रचूड़ ने इसे संज्ञान में लेते हुए कुछ दिन पहले लोकायुक्त को कार्रवाई करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद शासन ने इसे संज्ञान में लिया। इस बाबत अपर मुख्य अधिकारी घनश्याम राय ने बताया कि शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष बालेश्वरी देवी का पावर सीज कर दिया है। इस आशय का पत्र मिल गया है।