निजीकरण के विरोध में उतरे बिजली कर्मचारी
देवरिया। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को अधीक्षण अभियंता विद्युत कार्यालय पर प्रदर्शन किया। दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक चले प्रदर्शन में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक विजय जायसवाल ने बताया कि कोविड-19 महामारी के बीच केंद्र सरकार और कुछ राज्य सरकारें बिजली वितरण का निजीकरण करने पर तुली हैं। सरकारों की यह मंशा सफल नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने इलेक्ट्रिसिटी(अमेंडमेंट) बिल 2020 और बिजली वितरण के निजीकरण के स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट को निरस्त करने की मांग की। कहा कि वर्तमान में बिजली की लागत लगभग 07.90 रुपये प्रति यूनिट है और कंपनी एक्ट के अनुसार निजी कंपनियों को कम से कम 16 प्रतिशत मुनाफा लेने का अधिकार होगा। ऐसे में उपभोक्ता को 10 रुपये प्रति यूनिट से कम बिजली नहीं मिलेगी। नई नीति के अनुसार डिस्कॉम के 100 प्रतिशत शेयर बेंचे जाने हैं और सरकार का निजीकरण के बाद कर्मचारियों के प्रति कोई दायित्व नहीं रहेगा। कर्मचारियों को निजी क्षेत्र के रहमोकरम पर छोड़ दिया जाएगा। इस दौरान इंजीनियर पुष्कर उपाध्याय, अमित सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रत्युष बल्लभ, वीपी सिंह, मनीष प्रजापति, संदीप कुमार, आशीष कुमार, रामप्रवेश, अशोक कुमार आदि मौजूदरहे।