जर्जर तार और पोल के सहारे बिजली आपूर्ति कर रहे विद्युत विभाग के पास अब फाल्ट बनाने का भी इंतजाम नहीं रह गया है। विद्युत विभाग के कर्मचारी सीढ़ी के अभाव में टूटे तार को नहीं जोड़ पा रहे हैं। बिजली विभाग को नगर पंचायत से उधार में लिफ्ट मांग कर काम चलाना पड़ रहा है। ऐसे में एक फाल्ट बनाने के लिए बिजली कर्मचारियों को नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
रविवार को हरितालिका निर्जला व्रत में बिजली नहीं मिलने से नगर की महिलाएं बेहाल रही। खजुहा चौराहे पर शनिवार की सुबह तार टूट कर गिर गया। विद्युत विभाग के कर्मचारी सीढ़ी नहीं रहने के कारण तार नहीं ठीक कर सके। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से लिफ्ट मांगी। लिफ्ट व्यस्त रहने के कारण नगर पंचायत ने देने में असमर्थता जताई। रविवार की दोपहर नगर पंचायत से लिफ्ट मिलने के बाद किसी तरह फाल्ट बन सका। जिसके बाद भी नगर में बिजली आपूर्ति नहीं चालू हो सकी। देवरिया से इमरजेंसी कटौती के कारण दिन में तीन घंटे बिजली मिल सकी। व्रती महिलाओं को बिजली बिना खासा परेशान होना पड़ा। बिजली के अभाव में घरों में बिजली से चलने वाले पंखे बंद हो गए। व्रती महिलाएं बिजली को लेकर जिम्मेदारों को कोसती रही। नगर के कमल नयन दूबे, अंबुजेश मणि, श्रवण पटेल, योगेंद्र पटेल आदि ने कहा कि उमस भरी गर्मी में पुरूषों से अधिक महिलाओं को परेशान होना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में घरों में हवा, पानी तक बंद हो जा रहा। प्रदेश सरकार को बिजली देने का दावा खोखला साबित हो रहा है। एक फाल्ट ठीक करने में विभाग को 24 घंटे लग जा रहे है। इस बाबत एसडीओ एके पाल ने कहा कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों को आवश्यक सामान उपलब्ध कराए जाते है। सीढ़ी टूटने के कारण दिक्कत आ गई। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।