देवरिया। दर्जनों सरकारी कार्यालय बिजली निगम के कर्जदार बन गए हैं। एक करोड़ से अधिक बिजली का बिल बकाया है। सर्वाधिक बकाया रामपुर कारखाना डायट और नगर पालिका का है। विद्युत निगम ने इसके लिए 23 विभागों को नोटिस जारी कर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी है।
बिल वसूलने के लिए गांव से लेकर शहर तक निगम ने अभियान चलाया है। बकाएदारों का कनेक्शन काटने के साथ केस भी दर्ज कराया जा रहा है। लेकिन अनेक सरकारी विभागों का लाखों रुपये बिल कई सालों से बकाया है। आठ लाख बीएसए कार्यालय के पास बकाया है। कनेक्शन काटने के बाद एक लाख रुपये बिजली का बिल जमा हुआ तब जाकर बीएसए कार्यालय का कनेक्शन जुटा। अभी भी सात लाख बाकी है।
नोटिस मिलने के बाद पीडब्लूडी, गंडक विभाग, सिंचाई विभाग समेत कई सरकारी कार्यालयों का मार्च माह में 40 लाख से अधिक बिजली का बाकी बिल जमा किया गया। बिजली का बिल जमा नहीं होने के कारण गांधी आश्रम की बिजली काट दी गई है। शासन के निर्देश पर निगम की ओर से दिए गए नोटिस में बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई है। बकाया बिल नहीं जमा होने की वजह विभाग में बजट की कमी बताई जा रही है। एक्सईएन संतोष कुमार ने बताया कि नोटिस जारी करने के बाद कई विभागों से बिजली का बिल जमा किया गया है। लेकिन अभी भी एक करोड़ से अधिक का बिल बाकी है। जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटा जाएगा।