संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डाकघरों का कार्य ठप होने से लोग परेशान हैं। उन्हें राखी भेजने के लिए कूरियर कंपनियों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे खर्च भी बढ़ गया है। कुछ लोग इससे निजात पाने के लिए सीधे ऑनलाइन राखी भेजने का रास्ता अपना लिए हैं। रक्षाबंधन पर्व से एक सप्ताह पूर्व डाक विभाग ने आईटी-टू साॅफ्टवेयर अपडेट करने का काम शुरू कर दिया। इससे दो से पांच अगस्त तक सेवाएं ठप हो गईं। जिले के एक प्रधान डाकघर और 30 उप डाकघरों के साथ करीब 250 शाखा डाकघरों में रजिस्ट्री का कार्य ठप हो गया।
इसके अलावा प्रधान डाकघर और अन्य डाकघरों से वितरण का काम भी ठप हो गया। इसके चलते बहनों द्वारा भेजी गईं राखियां रास्ते में ही रह गईं। वहीं देवरिया से बाहर अपने भाइयों को राखी भेजने की तैयारी कर रहीं बहनें भी अपनी राखी नहीं भेज पाईं।
शहर के साकेतनगर निवासी निशा ने बताया कि उनके घर के पास ही उपडाकघर है। सोचा था, राखी पोस्ट कर दूंगी, पर यह नहीं हो पाया। इसके चलते भाई को ऑनलाइन राखी भेजना पड़ा। यह महंगा पड़ गया। सोंदा निवासी अंजलि ने बताया कि भाई को राखी भेजने के लिए सोच रही थी, इस बीच डाकघर की सेवा ठप होने की जानकारी मिली। इसके बाद राखी भेजने के लिए कूरियर का सहारा लेना पड़ा। खुखुंदू संवाद के अनुसार, उप डाकघर पर 11 सहायक डाकघरों और 19 गांवों के डाक वितरण की जिम्मेदारी है।
इसमें बैदौली, बैकुंठपुर, बड़हरा, बीजापुर झंगटौर, जैतपुरा, करौंदी, मझवलिया, परसिया मिश्र, नूनखार, पिपरा शुक्ल और सल्लहपुर सहायक डाकघरों पर लोग राखी भेजने के लिए आकर लौट जा रहे हैं। वह लेन-देन समेत जरूरी डाक व राखी रजिस्ट्री, राखी के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।